हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में बारिश और भूस्खलन के कारण बनी कृत्रिम झील ने लोगों की नींद उड़ा दी है। 4 पंचायतों के लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग रात को सो नहीं पाए। हालांकि प्रशासन ने जल निकासी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। कुमारहट्टी स्थित चिकनी खड्ड में भूस्खलन के बाद भारी जलभराव के कारण कृत्रिम झील बन गई है।
नालागढ़ प्रशासन की ओर से जलभराव की निकासी के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था के बाद पानी का बहाव शुरू हो गया है। प्रशासन ने इसे राहत की खबर बताते हुए स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा किया है।
प्रशासन ने दिया राहत का भरोसा
उपमंडलाधिकारी (ना.) नालागढ़ नरेंद्र कुमार आहलूवालिया ने बताया कि कृत्रिम झील से पानी की निकासी के लिए प्रशासन की ओर से किए गए प्रयास सफल रहे हैं। वैकल्पिक निकासी व्यवस्था के माध्यम से अब पानी धीरे-धीरे बाहर निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों को घबराने या किसी तरह का पैनिक करने की आवश्यकता नहीं है।
खड्ड के नजदीक न जाने की चेतावनी
हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से चिकनी खड्ड से उचित दूरी बनाए रखने की अपील की है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपने आसपास के अन्य नागरिकों को भी खड्ड के नजदीक नहीं जाने के लिए सचेत करने को कहा गया है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
एसडीएम ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। पानी की निकासी का वीडियो भी प्रशासन की ओर से लोगों की जानकारी के लिए साझा किया गया है।