घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने 50 किलोवाट भार तक का बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। अब कनेक्शन के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय से निरीक्षण कराकर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और लाइसेंसी ठेकेदार से कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
उपभोक्ताओं को अब केवल स्व-घोषणा के आधार पर ही बिजली का कनेक्शन मिल जाएगा। इस फैसले से जिले के हजारों उपभोक्ताओं, दुकानदारों, किसानों और छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे उपभोक्ताओं को विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
मंडल के चारों जिलों में इस समय 8.39 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें बांदा में 3.06 लाख, चित्रकूट मं 1.76 लाख, हमीरपुर में 2.10 लाख व महोबा में 1.45 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें घरेलू के साथ-साथ बड़ी संख्या में आटा चक्की, वेल्डिंग मशीन, छोटे कारखाने और निजी नलकूप वाले किसान भी हैं।
पहले कमर्शियल कनेक्शन मे दो किलोवाट से ऊपर सभी कनेक्शन के लिए लोगों को विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। अब 50 किलोवाट तक के लिए यह बाध्यता खत्म होने से किसानों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
मंडल के चारों जिलों प्रति माह बिजली कनेक्शन के लिए दो सैकड़ा से अधिक आवेदन आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने 50 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है।
अब उपभोक्ताओं को 50 किलोवाट तक के लोड के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय से निरीक्षण, अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) व लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार के कार्यपूरक प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से छूट दे दी गई है। इसके स्थान पर अब केवल एक स्व-घोषणा पत्र देना ही पर्याप्त होगा।
किन कनेक्शनों को मिलेगा लाभ
घरेलू (एलएमवी-1), व्यावसायिक (एलएमवी-2), सार्वजनिक व निजी संस्थान (एलएमवी-4), निजी नलकूप (एलएमवी-5), आवास निर्माण हेतु अस्थायी कनेक्शन (एलएमवी-9), ईवी चार्जिंग (एलएमवी-11), लिफ्ट व सिंचाई कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इन्हें स्व-घोषणा में यह घोषणा करनी होगी कि वायरिंग का काम मान्यता प्राप्त ठेकेदार ने किया है और यह केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) व बीआइएस के सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
इनमें कनेक्शन पर अब भी एनओसी जरूरी
100 से अधिक लोगों के एकत्र होने वाले स्थान, 10 या अधिक बेड वाले अस्पताल, स्कूल, मैरिज हाल, होस्टल व बेसमेंट में बनाए जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग पाइंट्स के कनेक्शन के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय से निरीक्षण कराकर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और लाइसेंसी ठेकेदार से कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र लेना होगा।
पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) में समय लगने में कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले देरी को लेकर परेशान होते थे, अब एक स्व-घोषणा पत्र देकर कनेक्शन ले सकते हैं। लेकिन बाद में उन्हें एनओसी तो देनी ही पड़ेगी। सारी प्रक्रिया निवेश व झटपट पोर्टल के जरिए ही की जाएंगी।