‘हम बहुत जल्द पिकएक्स माउंटेन पर हमला करेंगे’, ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर ट्रंप की चेतावनी…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान के पिकएक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है। पिकएक्स माउंटेन, ईरान के अत्यधिक क्षतिग्रस्त नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास है। यह एक बहुत अधिक सुरक्षित जगह है जहां बहुत गहराई में दो टनल कांप्लेक्स हैं। ट्रंप के इस बयान बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकाफ और जेरेड कुशनर (ट्रंप के दामाद) यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने का एक प्रस्ताव पेश करने के लिए रूस और यूक्रेन जा रहे हैं।

वहीं, उन्होंने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया. उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

अगर ईरान के पास परमाणु होते तो…

ट्रंप ने कहा, “हम पांच महीने से इस पर काम कर रहे हैं और आप जानते हैं कि हमने पांच महीनों में क्या किया? हमने सुनिश्चित किया कि उनके पास परमाणु हथियार न हों, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, क्योंकि अगर उनके पास होते तो शायद आप यहां ज्यादा देर तक खड़े नहीं होते।’

अगर कुछ गलत हुआ तो…

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के अत्यधिक किलेबंद भूमिगत परमाणु स्थल, जिसे पिकैक्स माउंटेन के नाम से जाना जाता है, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उस जगह की गतिविधियों पर बेहद करीबी से नजर रख रही हैं। अगर वहां किसी तरह की गतिविधि का पता चलता है, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है।

ट्रंप ने आगे कहा कि हमें पता है कि पिकऐक्स में कौन आ-जा रहा है, हमें पूरे ईरान में हर गतिविधि की जानकारी है। अगर कुछ गलत हुआ तो हम भीषण हमला करेंगे।

ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है पिकऐक्स माउंटेन?

गौरतलब है कि पिकऐक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परिसर है। इसमें गहराई में बने दो बड़े सुरंग तंत्र मौजूद हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस भूमिगत ठिकाने पर स्थानांतरित कर दिए हैं। इस परमाणु ठिकाने को सबसे सुरक्षित माना जाता है। ईरान का यह ठिकाना पहाड़ के भीतर बहुत गहराई में बना है, इसलिए इसे नष्ट करना बेहद कठिन माना जाता है।

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