विदेश से MBBS का सपना अब और मजबूत! FMGE को लेकर बड़े फैसलों से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ा…

“विदेश जाकर डॉक्टर बनने की चाह को मिली नई दिशा-Education Has No Boundaries.”
डॉ. प्रशांत बेलचंदन, Founder, Gateway of Global Education (GGE) & KAC

“MBBS के लिए विदेश जाना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि सही योजना और मार्गदर्शन के साथ एक सुनियोजित करियर यात्रा हो सकती है।”
मनीष पारख, चेयरमैन, मेघगंगा ग्रुप एवं शिक्षाविद

विदेश से MBBS करने का सपना देखने वाले भारतीय विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए 27 अगस्त 2026 का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Foreign Medical Graduates (FMGs) और Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) और AMSSA-FMSV के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

बैठक का स्थान: NBEMS, सेक्टर-8, द्वारका, नई दिल्ली
बैठक की तारीख: 27 अगस्त 2026

बैठक के दौरान परीक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र की कठिनाई, परीक्षा शुल्क, पारदर्शिता, परीक्षा केंद्रों की सुविधाओं और अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

साल में तीन बार आयोजित होगी FMGE परीक्षा

बैठक में FMGE को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक परीक्षा की आवृत्ति बढ़ाने से संबंधित रहा। चर्चा के अनुसार, अतिरिक्त FMGE परीक्षा आयोजित करने तथा आगामी वर्ष से परीक्षा को साल में तीन बार आयोजित करने पर सहमति बनी है।

प्रस्तावित परीक्षा चक्र इस प्रकार होगा-

  • दिसंबर/जनवरी
  • अप्रैल/मई
  • अगस्त/सितंबर

यदि यह व्यवस्था निर्धारित रूप में लागू होती है, तो विदेश से मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों को FMGE के लिए अधिक अवसर मिल सकेंगे।

प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव

FMGE के प्रश्नपत्र को लेकर विद्यार्थियों की ओर से लंबे समय से कठिनाई स्तर से संबंधित चिंताएं सामने आती रही हैं। बैठक में प्रश्नपत्र के कठिनाई स्तर को अधिक तार्किक और संतुलित बनाने पर चर्चा हुई।

इसके तहत Low to Moderate Difficulty Level के प्रश्नों की संख्या बढ़ाने की बात सामने आई है। वहीं Moderate और Difficult प्रश्नों का अनुपात लगभग 30-50:20 रखने पर चर्चा हुई।

इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा के कठिनाई स्तर को अधिक संतुलित बनाना और विद्यार्थियों के ज्ञान एवं समझ का तार्किक मूल्यांकन करना बताया गया है।

FMGE की परीक्षा फीस में कमी

विद्यार्थियों के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय परीक्षा शुल्क से जुड़ा है। बैठक में अगली परीक्षा से FMGE Examination Fee कम करने पर सहमति जताई गई।

फीस में कमी से उन विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, जो विदेश में मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

FMGE अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा परिणाम और उत्तरों से संबंधित पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

NBEMS प्रत्येक उम्मीदवार के संबंधित पोर्टल पर निम्न जानकारी उपलब्ध कराने पर सहमत हुआ-

  • Question IDs
  • Correct Answer IDs
  • Candidate Response IDs
  • प्रत्येक प्रश्न के लिए प्राप्त Marks

इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन का अधिक स्पष्ट तरीके से विश्लेषण करने में मदद मिल सकती है।

Video-Based Questions पर भी स्थिति होगी स्पष्ट

FMGE June 2026 में पूछे गए Video-Based Questions को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे मामले के संदर्भ में भी चर्चा हुई।

बैठक में NBEMS की ओर से यह स्पष्ट किए जाने की बात सामने आई कि FMGE June 2026 में Video-Based Questions की संख्या 14 थी।

Grievance Redressal Committee में FMGs की भागीदारी

FMGE से संबंधित विद्यार्थियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए Grievance Redressal Committee में FMGs के एक प्रतिनिधि को शामिल करने के अनुरोध पर भी विचार किया जाएगा।

इसके अलावा NBEMS और Foreign Medical Graduates के बीच संवाद को अधिक नियमित बनाने की दिशा में भी पहल किए जाने की बात सामने आई है।

परीक्षा केंद्रों की सुविधाओं में सुधार

बैठक में परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों को होने वाली असुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। परीक्षा केंद्रों की सुविधाओं को अधिक उम्मीदवार-अनुकूल बनाने के लिए NBEMS के Technology Partner को आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही गई।

Biometric Attendance के लिए अतिरिक्त समय

परीक्षा के दौरान Biometric Attendance को लेकर भी विद्यार्थियों के लिए राहत की बात सामने आई है।

प्रत्येक सेक्शन में Biometric Attendance के लिए एक अतिरिक्त मिनट दिए जाने पर सहमति बनी है। हालांकि, एक शिफ्ट में कुल अतिरिक्त समय अधिकतम तीन मिनट तक ही रहेगा।


“यह विदेश से MBBS करने वाले विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद है” – डॉ. प्रशांत बेलचंदन

बैठक में सामने आए निर्णयों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. प्रशांत बेलचंदन ने कहा कि विदेश से MBBS करने और भारत लौटकर चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए ये फैसले सकारात्मक संकेत हैं।

उन्होंने कहा, “यह निर्णय विदेश जाकर MBBS करने और डॉक्टर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक Green Signal की तरह है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा।”

उन्होंने आगामी डॉक्टरों और FMGE की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

डॉ. बेलचंदन ने यह भी कहा कि विदेश से MBBS करने का निर्णय केवल किसी देश या विश्वविद्यालय का चयन करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सही विश्वविद्यालय, संबंधित देश के नियम, NMC की मौजूदा गाइडलाइंस, मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और भारत लौटने के बाद की प्रक्रिया को समझना बेहद आवश्यक है।


NEET में सीट नहीं मिली तो क्या डॉक्टर बनने का सपना भी खत्म?

हर वर्ष हजारों विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET-UG की परीक्षा में शामिल होते हैं। भारत में MBBS की सीमित सीटों और अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता।

ऐसे में सवाल यह नहीं है कि “भारत में MBBS की सीट मिली या नहीं?”

बल्कि सवाल यह है-

“क्या भारत में सीट नहीं मिलने पर डॉक्टर बनने का सपना खत्म हो जाना चाहिए?”

विदेश में MBBS भारतीय विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा का एक वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय मार्ग बन चुका है। हालांकि, विदेश में मेडिकल शिक्षा का निर्णय केवल एडमिशन लेने तक सीमित नहीं है।

विद्यार्थी की पूरी यात्रा में कई महत्वपूर्ण चरण शामिल होते हैं-

Country Selection → University Selection → Eligibility → Documentation → Admission → Travel → Medical Education → FMGE/NExT Pathway → Internship → भारत में मेडिकल करियर

इनमें से प्रत्येक चरण पर सही और प्रमाणित जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।


सही Counselling क्यों जरूरी?

विदेश से MBBS करने का निर्णय एक महत्वपूर्ण करियर फैसला है। इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी भी एजेंसी या कंसल्टेंसी का चयन करते समय उसकी विश्वसनीयता, अनुभव, विश्वविद्यालयों से जुड़े विवरण और विद्यार्थियों के पिछले अनुभवों की स्वतंत्र रूप से जांच करनी चाहिए।

इसी क्षेत्र में Gateway of Global Education (GGE) & KAC विदेश में MBBS शिक्षा के लिए counselling और guidance उपलब्ध कराने का दावा करता है।

डॉ. प्रशांत बेलचंदन के नेतृत्व में संचालित GGE का उद्देश्य केवल admission प्रक्रिया तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को career counselling से लेकर विदेश में मेडिकल शिक्षा और भारत लौटने के बाद के करियर पाथवे तक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना बताया गया है।

संस्था के अनुसार, अब तक 20,000+ counselling sessions और 350+ success stories के साथ GGE की उपस्थिति Raipur, Indore, Nagpur और Pune में है।

GGE को Kanand Group एवं Meghganga Group से संबद्ध बताया गया है। मेघगंगा ग्रुप छत्तीसगढ़ में Lifecare Diagnostics और Avish Educom जैसे ब्रांड्स के लिए जाना जाता है।


अभिभावकों के सामने सबसे बड़ा सवाल-बच्चे को विदेश भेजें या नहीं?

विदेश में MBBS के लिए बच्चे को भेजने का निर्णय केवल “हां” या “नहीं” में नहीं लिया जा सकता।

अभिभावकों को इससे पहले कई सवालों के जवाब तलाशने चाहिए-

किस देश में पढ़ाई बेहतर होगी?
कौन-सी University उपयुक्त है?
उसकी मान्यता और recognition क्या है?
Medical Education का standard कैसा है?
भारत लौटने के बाद FMGE/NExT से संबंधित pathway क्या होगा?
पूरी मेडिकल शिक्षा के दौरान विद्यार्थी को किस प्रकार का academic और administrative support मिलेगा?

इन सभी सवालों के संतोषजनक उत्तर मिलने के बाद ही विदेश से MBBS का निर्णय लेना अधिक सुरक्षित और समझदारीपूर्ण हो सकता है।

विदेश में MBBS: सपना बड़ा है, तो तैयारी भी सही होनी चाहिए

विदेश जाकर डॉक्टर बनने का सपना निश्चित रूप से बड़ा और चुनौतीपूर्ण है। लेकिन सही देश, उपयुक्त विश्वविद्यालय, स्पष्ट eligibility, दस्तावेजों की सही तैयारी और भारत में मेडिकल करियर से जुड़े नियमों की समझ के साथ इस यात्रा को बेहतर तरीके से योजनाबद्ध किया जा सकता है।

विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है-सिर्फ admission के लिए नहीं, बल्कि पूरे medical career को ध्यान में रखकर निर्णय लें।

बेहतर और सूचित निर्णय के लिए अभिभावक अपने नजदीकी counselling centre पर जाकर विशेषज्ञों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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