भारतीय मूल के फाइनेंसर पर कैलिफोर्निया में 100 मिलियन डॉलर का बैंक धोखाधड़ी रैकेट चलाने का आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ऐशो-आराम, खौफ और ब्लैकमेलिंग की दोहरी जिंदगी जी रहा था। वह सेक्स वर्कर्स के साथ प्राइवेट पार्टियां आयोजित करता था और बाद में इन आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल करता था।
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, 44 वर्षीय महेंद्र मखीजानी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। हथियारबंद संघीय एजेंटों ने कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट बीच स्थित एक पॉश तटीय इलाके कोरोना डेल मार में उसकी आलीशान हवेली पर तड़के छापा मारा। हथकड़ी लगने के बाद उसे पजामा पहने हुए ही जेल ले जाया गया। मखीजानी पर बैंक धोखाधड़ी का आरोप है और दोषी पाए जाने पर उसे 30 साल तक की जेल हो सकती है।
कैसे दिया 100 मिलियन डॉलर के घोटाले को अंजाम?
मखीजानी ने रियल एस्टेट दस्तावेजों में हेराफेरी करके और बैंक में गिरवी रखी गई संपत्तियों का मूल्य बढ़ाकर एक स्थानीय बैंक को लगभग 100 मिलियन डॉलर का चूना लगाया। यह रकम अभी तक बरामद नहीं हुई है।
इस घोटाले को अंजाम देने के लिए उसने न्यूपोर्ट बीच स्थित कैंटर ग्रुप वी एलएलसी और फर्जी कंपनियों के एक नेटवर्क का इस्तेमाल किया। उसने और उसके एक कर्मचारी ने एडोब सॉफ्टवेयर का उपयोग करके सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच टाइटल इंश्योरेंस रिकॉर्ड में बदलाव किया, मेटाडेटा बदला और बैंक को फर्जी दस्तावेज सौंपे। इसके अलावा, कॉल और स्प्रेडशीट के जरिए भी बैंक अधिकारियों को लगातार गुमराह किया गया।
सेक्स वर्कर्स, ड्रग्स और ब्लैकमेलिंग का खेल
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, मखीजानी के खिलाफ आरोप केवल वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं हैं। अदालती दस्तावेजों और गवाहों के बयानों से पता चला है कि वह ड्रग्स और सेक्स वर्कर्स के साथ गुप्त पार्टियां आयोजित करता था, जिनमें बैंक के कुछ कर्मचारी भी शामिल होते थे।
इसके बाद वह इन पार्टियों में हुए घटनाक्रमों की जानकारी का इस्तेमाल कर कर्मचारियों और अपने सहयोगियों को ब्लैकमेल करता था ताकि उन पर अपना नियंत्रण बनाए रख सके। उसने अपने कर्मचारियों को जान से मारने, उनके परिवार को सड़क पर लाने और बच्चों को सरकारी खैरात पर जीने के लिए मजबूर करने तक की खौफनाक धमकियां दीं।
विरोधियों पर करवाया हमला
मखीजानी ने डराने-धमकाने और हिंसा के जरिए अपना पूरा ऑपरेशन चलाया। उसने अपने गुर्गों को विरोधियों को निशाना बनाने, उनके व्यवसायों में तोड़फोड़ करने और प्रतिस्पर्धियों पर दबाव बनाने का निर्देश दिया।
एक मामले में, उसने एक प्रतिद्वंद्वी के परिवार के सदस्यों के घरों पर बेदखली के नोटिस लगा दिए और एक विरोधी पर डकैती का आरोप लगाने के लिए सार्वजनिक होर्डिंग तक का इस्तेमाल किया। अभियोजकों द्वारा पेश किए गए वीडियो साक्ष्य में मखीजानी को डिजाइनर कपड़े पहने हुए देखा जा सकता है, जहां वह सुरक्षा गार्डों पर हमले के दौरान अपने सहयोगियों को निर्देश दे रहा है, खिड़कियां तुड़वा रहा है और दस्तावेज छीन रहा है।
कौन हैं महेंद्र मखीजानी?
मखीजानी बेहद आलीशान जिंदगी जीता था। वह प्राइवेट जेट से सफर करता था, महंगे डिजाइनर कपड़े पहनता था और उसके पास बेंटले, पोर्शे और मर्सिडीज जी-वैगन जैसी कई लग्जरी कारें थीं। उसने अगल-बगल दो बड़ी हवेलियां ले रखी थीं, जिनमें से एक सिर्फ उसके ससुराल वालों के लिए रिज़र्व थी।
अधिकारियों का कहना है कि मखीजानी के पास अथाह संपत्ति है, लेकिन सरकार अभी तक इसका पूरी तरह से पता नहीं लगा पाई है। शिकायत में कहा गया है कि यह संपत्ति लगभग निश्चित रूप से मखीजानी के अपने नाम पर दर्ज नहीं है।
भारत भागने के फिराक में था आरोपी
यह मामला होटल लागुना से जुड़े एक लंबे व्यावसायिक विवाद से भी मेल खाता है। साल 2023 में, इस विवाद से जुड़ी झड़पों के कारण होटल में भारी हिंसा हुई थी, जिसके चलते उसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।
इसी साल मई में, मध्यस्थों ने व्यवसायी मोहम्मद होनारकर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें लगभग 1.34 बिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया था और यह पाया था कि मखीजानी ने समझौतों का उल्लंघन कर भारी धोखाधड़ी की थी।