वाराणसीवासियों को गर्मी से राहत, आज और कल बारिश व तेज हवाओं के आसार…

प्रदेश के उत्तर पश्चिमी एवं पूर्वी भाग पर तथा उत्तरी पश्चिमी बिहार पर तीन अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इनसे होकर पंजाब से गांगेय पश्चिम बंगाल तक जा रही मौसमी द्रोणी के प्रभाव से निचले क्षोभ मंडल में बंगाल की खाड़ी से आर्द्र पुरवा हवाएं पहुंचने लगी हैं।

इन आर्द्र पुरवा हवाओं की आने वाले पश्चिमी विक्षोभ की मध्य क्षोभमंडलीय ठंडी एवं शुष्क पछुवा हवाओं के साथ होने वाला टकराव पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम तक आंधी-तूफ़ान के साथ संभावित वर्षा का कारक बन सकता है।

लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में गुरुवार व शुक्रवार को आंधी-तूफान का मौसम बना रह सकता है।

इसके चलते तापमान में गिरावट आ सकती है और मौसम सुहाना हो सकता है। तीसरे दिन यानी शनिवार को बादल छट सकते हैं, आसमान साफ हो सकता है और तापमान में फिर बढ़ोतरी आरंभ हो सकती है।

बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार को दोपहर बाद तेज आंधी के साथ बादल आ सकते हैं और कुछ क्षेत्रों में मध्यम तो कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा या बूंदाबांदी हो सकती है। दो विपरीत हवाओं के मेल से बना यह मौसम दो दिन तक तो रहेगा ही, उपयुक्त परिस्थितियां मिलीं तो एकाध दिन आगे भी खिंच सकता है।

मंगलवार की रात में तेज हवा संग हुई हल्की वर्षा के प्रभाव से बुधवार को भले तापमान में थोड़ी गिरावट आई लेकिन आसमान साफ होने से धूप की प्रचंडता ने आंच बरसाई और चमड़़ी झुलसती सी प्रतीत हुई।

मंगलवार की रात में बीएचयू क्षेत्र में पांच मिमी वर्षा हुई और बुधवार को अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, यह सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस ऊपर 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस कम होकर सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे 26.1 पर चला गया।

बाबतपुर क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई और वहां तापमान में महज 0.2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, अधिकतम तापमान सामान्य 2.3 डिग्री सेल्सियस ऊपर 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस बढ़ा और सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस नीचे 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बीच बीएचयू क्षेत्र में आर्द्रता 61 से 36 प्रतिशत तो बाबतपुर क्षेत्र में 54 से 35 प्रतिशत के बीच रही।

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