मणिपुर में हिंसा तेज: उखरुल में नागा-कुकी संघर्ष में 3 की मौत, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप…

मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार तड़के नागा और कुकी-जो समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम पांच लोग घायल हुए।

मरने वालों में एक तांगखुल नागा और दो कुकी-जो समुदाय के व्यक्ति शामिल हैं। दोनों समुदाय एक-दूसरे पर हमला शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं।

क्या हुआ उखरुल में?

सिनाकेइथेई गांव के पास: तांगखुल नागा लॉन्ग (टीएनएल) के अनुसार, 29 वर्षीय होर्शोकमी जमंग नामक नागा ग्राम रक्षक को सशस्त्र कुकी उग्रवादियों ने घात लगाकर मार डाला।

जमंग सिनाकेइथेई गांव के पास गश्त पर थे। इस घटना में चार अन्य नागा स्वयंसेवक भी गंभीर रूप से घायल हुए।

मुल्लम गांव के पास: सुरक्षा बलों ने दो कुकी-जो युवकों के शव बरामद किए। मृतकों की पहचान पाओमिनलुन हाओलाई (19 वर्ष) और लेटलाल सिटलहो (43 वर्ष) के रूप में हुई।

कुकी संगठनों ने दावा किया कि तांगखुल नागा उग्रवादियों ने मुल्लम और शोंगफाल गांवों पर तड़के करीब 5:30 बजे हमला किया, जिसमें दो स्वयंसेवक मारे गए। कांगपोकपी जिले की बुंगी-इहान रक्षा समिति ने इसे कुकी गांवों पर हमला बताया।

कुकी इनपी मणिपुर ने आरोप लगाया कि हमले में कई घर जलाए गए, महिलाएं और बच्चे समेत कई लोग घायल हुए तथा कई परिवार विस्थापित हो गए। वहीं, नागा ग्राम रक्षक केंद्रीय कमान ने कुकी दावों का खंडन किया।

एनएससीएन (अलेंग समूह) का दावा

इसी बीच, एनएससीएन (अलेंग समूह) ने कामजोंग जिले में म्यांमार की कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा के पांच कार्यकर्ताओं को मार गिराने का दावा किया। समूह ने कहा कि ये पांच कैडर भारत में प्रवेश कर स्थानीय गांवों पर हमले की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई 18 अप्रैल को टीएम कसम गांव के पास दो नागा पुरुषों की हत्या और हालिया गोलीबारी के प्रतिशोध में की गई।

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