इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही समय बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने लेबनान में विद्रोही समूह के साथ युद्धविराम के लिए इजरायली पक्ष से आग्रह किया था। इससे पहले दिन की शुरुआत में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फिर से ताजा हमले शुरू कर दिए थे।
एनबीसी न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने बताया कि वह दिन में इजरायल के संपर्क में थे और उन्होंने वहां के नेतृत्व को युद्धविराम के प्रयास का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया। हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने सीधे तौर पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी।
अमेरिका-ईरान समझौता पर टिप्पणी
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम का जिक्र करते हुए ट्रंप ने इसे एक सकारात्मक कदम करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि यह सोने पे सुहागा जैसा है। ट्रंप का यह इशारा अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित उस समझौता ज्ञापन की ओर था, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करना और 60 दिनों की अवधि के लिए ईरान के साथ तकनीकी वार्ता हेतु राजनयिक चैनल खोलना है।
बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “बीबी के साथ मेरे संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं। बस आपको कभी-कभी शांत होकर अपने दिमाग का इस्तेमाल करना होता है।”
मध्यस्थता से लागू हुआ युद्धविराम
यह नया युद्धविराम क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों के बीच इजरायल और हिजबुल्लाह की सहमति के बाद लागू हुआ है। सीएनएन के अनुसार, दोनों के बीच सुबह 9 बजे से युद्धविराम बहाल करने पर सहमति बनी है। सूत्रों के मुताबिक, यह समझौता अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से हुआ है, जबकि एक अन्य राजनयिक सूत्र ने बताया कि वाशिंगटन और दोहा के साथ-साथ ईरान ने भी इस समझौते में अहम भूमिका निभाई है।
हालांकि, इजरायल रक्षा बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने स्पष्ट किया है कि इजरायली सेना हिजबुल्लाह के उल्लंघनों के खिलाफ तत्काल खतरों को खत्म करना जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि हम किसी भी खतरे का जवाब देने और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह करते रहेंगे।
स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता और जेडी वेंस की भूमिका
एनबीसी न्यूज के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात का भी संकेत दिया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ होने वाली आगामी शांति वार्ता में हिस्सा ले सकते हैं। बता दें कि शुक्रवार को प्रस्तावित यह बैठक रद्द कर दी गई थी।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि वेंस वहां जाएंगे, जबकि स्टीव विटकॉफ अलग से जा रहे हैं। गुरुवार को स्विस विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित वार्ता स्थगित कर दी गई है। एएनआई को दिए गए एक जवाब में स्विस विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह वार्ता को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है और बर्गनस्टॉक में इससे जुड़ा प्रारंभिक कार्य जारी है।
अमेरिका-ईरान के बीच 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन
अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन में लेबनान सहित सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई है। इसके अलावा, 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने का संकल्प लिया गया है, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस ज्ञापन के तहत, अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी और संबंधित प्रतिबंधों को हटाना शुरू करेगा।
इसके बदले में ईरान शुरुआती 60 दिनों की अवधि के लिए होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित और मुफ्त मार्ग को सुविधाजनक बनाएगा। इसी अवधि के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तकनीकी वार्ता भी की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने, ईरानी तेल निर्यात के लिए अमेरिकी ट्रेजरी से छूट देने और ईरान के लिए अमेरिका समर्थित पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास कार्यक्रम की रूपरेखा भी शामिल की गई है।