सूरजपुर : कलेक्टर ने प्रतापपुर क्षेत्र का दौरा कर शक्कर कारखाना, निर्माण कार्यों और हाथी पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण…

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने प्रतापपुर क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों एवं संस्थानों का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, निर्माणाधीन शैक्षणिक भवनों, मनरेगा कार्यों तथा हाथी रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का जायजा लिया। इस अवसर पर जनपद सीईओ, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

                     निरीक्षण के दौरान कलेक्टर  ने माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, प्रतापपुर पहुंचकर कारखाने के संचालन संबंधी विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चीनी उत्पादन, उप-उत्पाद (बाय-प्रोडक्ट), उत्पादन लागत, लाभ-हानि, गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण व्यवस्था तथा वितरण प्रणाली की समीक्षा की ।

साथ ही अधिकारियों को कारखाने के बेहतर संचालन  के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

                    इसके पश्चात उन्होंने निर्माणाधीन जगन्नाथपुर प्राथमिक शाला भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित एजेंसी को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के साथ ही निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिए।

                  उन्होंने पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला धरमपुर परिसर में निर्मित बालवाटिका भवन का भी निरीक्षण किया तथा बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

                    दौरे के दौरान ग्राम डांडकारवां में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर निर्माणाधीन डबरी एवं तालाब खुदाई कार्यों का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा श्रमिकों को उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

                  इसके अलावा कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने हाथी रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में संचालित गतिविधियों, हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *