रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और युवाओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है।
राजनाथ सिंह ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा- “युवाओं और छात्रों की भावनाओं का सम्मान करना और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और हमारी सरकार के लिए सर्वोच्च महत्व रखता है।”
उन्होंने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया, जिसमें नीट और शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत शामिल है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “छात्रों की समस्याओं का समाधान करना और यह सुनिश्चित करना कि उनकी आवाजें सुनी जाएं, हमारी प्राथमिकताएं हैं।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अब अपनी पढ़ाई, अपने सपनों और आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधान का केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्यकाल भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के दृष्टिकोण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रेट्र के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा नैतिकता और सार्वजनिक जीवन में निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों का प्रतीक है। पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के रूप में प्रधान ने देश के शिक्षा परिदृश्य में सुधार लाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को सफलतापूर्वक लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू ने प्रधान के सफर को समाज सेवा और छात्र कल्याण के प्रति जीवनभर की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि एक मजबूत राष्ट्र की परिभाषा उसके शिक्षा प्रणाली से होती है और प्रधान ने हमेशा इस विचार को अपने सार्वजनिक जीवन में सर्वोच्च महत्व दिया है।