मध्य प्रदेश में एथनॉल के नाम पर करोड़ों के सरकारी फोर्टिफाइड चावल घोटाले में प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे के साझेदार विनोद शर्मा की गिरफ्तारी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।
शनिवार को जांच अधिकारी आरोपित विनोद शर्मा को लेकर बालाघाट जिला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस इंडस्ट्री पहुंचे। यहां आरोपित विनोद की निशानदेही पर जांच अधिकारियों ने दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन संबंधी कागज जब्त किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, टीम को राइस मिल संचालकों और एवीजे एथनाल प्लांट के प्रतिनिधियों, सुपरवाइजरों के बीच हुए ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं।
हालांकि हर्ष राइस इंडस्ट्री के 20 प्रतिशत के साझेदार विनोद शर्मा की गिरफ्तारी के बाद सवाल खड़े होने लगे हैं कि हर्ष इंडस्ट्री के अन्य हिस्सेदारों पर कार्रवाई कब होगी।
दरअसल, हर्ष इंडस्ट्री में विनोद के अलावा पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे, भतीजे अविनाश कावरे और कावरे परिवार के अन्य लोग भी साझेदार हैं।
फिलहाल कार्रवाई की गाज विनोद शर्मा पर ही गिरी है। शुक्रवार रात कुमार कावरे से एसआईटी ने पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी ठोस सुबूत के इंतजार में है।
कई राज्यों से जुड़े हैं तार
बालाघाट व सिवनी जिलों में एफसीआई के गोदामों से एथनॉल उत्पादन के लिए रियायती दरों पर जारी किए जाने वाले फोर्टिफाइड चावल को निर्धारित प्लांटों तक पहुंचाने के बजाय निजी राइस मिलों में खपाए जाने का मामला सामने आया था।
मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से इस चावल घोटाले की कड़ियां मिलने के बाद एसआइटी जांच के दायरे को और बड़ा रूप दे रही है। बालाघाट में चावल घोटाले के खुलासे को लगभग 52 दिन हो गए हैं।
एसआइटी अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें ट्रक चालक, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा के साथ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के राइस मिलर, ट्रांसपोर्टर आदि शामिल हैं। नोएडा से हिरासत में लिए गए सिवनी के राइस मिल संचालक सोनू जैन से भी पूछताछ की जा रही है।