विनायक दामोदर सावरकर को लेकर मामला फिर एक बार कोर्ट पहुंच गया है। सावरकर के पोते सत्याकी सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया है। इसी के साथ उन्होंने सावरकर के खिलाफ दी गई राहुल गांधी की टिप्पणियों को भी खारिज कर दिया है।
सत्याकी सावरकर ने बुधवार को पुणे की एक अदालत में कहा कि ब्रिटिश जेल से रिहाई के लिए सावरकर ने कोई दया याचिका दायर नहीं की थी, बल्कि उन्हें रिहा कराने के लिए राजनीतिक कोशिशें की गई थीं।
राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर की थी टिप्पणी
राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में एक भाषण में सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सावरकर और उनके कुछ साथियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट की थी और इस काम से उन्हें खुशी भी मिली थी।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि ये बातें सावरकर के खुद लिखे लेखों में हैं। इसी के साथ ही राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि सावरकर ने जेल से रिहाई के लिए ब्रिटिश प्रशासन को दया याचिकाएं लिखी थीं।
सावरकर के पोते ने राहुल गांधी के दावों को किया खारिज
राहुल गांधी के भाषण में जिन याचिकाओं का जिक्र किया गया था, उनके बारे में सत्याकी ने अदालत में साफ किया कि वे सावरकर की रिहाई की वजह नहीं थीं।
सत्याकी ने अदालत में कहा, ‘सावरकर की रिहाई याचिकाओं की वजह से नहीं, बल्कि 1937 में नेशनल असेंबली में की गई कोशिशों की वजह से हुई थी। यह असेंबली कांग्रेस पार्टी द्वारा संचालित नहीं थी।’
सत्याकी सावरकर ने अदालत में इस बयान को चुनौती दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सावरकर की प्रकाशित रचनाओं या लेखों में ऐसी किसी घटना का कोई जिक्र नहीं है।
सावरकर के पोते ने कांग्रेस नेता पर आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने इतिहास को तोड़-मरोड़कर सावरकर की छवि खराब करने के लिए बेबुनियाद, गुमराह करने वाले और मानहानिपूर्ण बयान दिए।
सत्याकी सावरकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सावरकर के बारे में दिए गए बयानों को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट अमोल शिंदे के सामने सत्याकी का बयान दर्ज किया गया।