US की चेतावनी से टला बड़ा खतरा? इजरायली हमले की आशंका पर विमान छोड़ सड़क मार्ग से लौटे ईरानी नेता…

पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध को चार महीने से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। हजारों बेगुनाह लोगों की मौत, लाखों का विस्थापन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति के तमाम दांव-पेचों के बाद भी यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शांति स्थापना के लिए अब तक हजारों प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन हर कोशिश अलग-अलग देशों के निजी स्वार्थों, अनुचित मांगों और कट्टर विचारधाराओं की भेंट चढ़ती जा रही है।

ऐसे में ईरान की नीति को लेकर चल रहे मतभेदों के बीच एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी अखबार ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ और ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को गुप्त रूप से चेतावनी दी थी कि इजरायल उसके दो सबसे शीर्ष वार्ताकारों की हत्या करने की कोशिश कर सकता है।

समझिए अमेरिका ईरान को अगाह क्यों किया?

इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि अमेरिका को डर था कि अगर इजरायल ने इन नेताओं को निशाना बनाया, तो युद्ध रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए चल रही शांति वार्ता पूरी तरह से तबाह हो जाएगी और क्षेत्र में फिर से भीषण जंग छिड़ जाएगी।

नेतन्याहू के निशाने पर कौन-कौन?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के निशाने पर ईरान के ये दो बड़े नेता थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ। एक अनाम अमेरिकी अधिकारी ने अखबार को बताया कि अगर इजरायल इन लोगों को मार देता है, तो समझो बातचीत की उम्मीद खत्म हो गई। 

अमेरिका ने मध्यस्थों के जरिए भिजवाया था संदेश

रिपोर्ट के मुताबिक, यह चिंता इतनी गंभीर थी कि इसी साल की शुरुआत में अमेरिका ने कुछ अन्य देशों के जरिए तेहरान को संदेश भिजवाया कि इजरायल उनके नेताओं पर हमला कर सकता है। यही नहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने मार्च के महीने में सीधे इजरायल से भी कहा था कि जब तक कूटनीतिक बातचीत चल रही है, तब तक वे ईरान के राजनीतिक नेतृत्व को निशाना न बनाएं।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस पर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि शांति प्रक्रिया हर हाल में पूरी हो। हालांकि, वाशिंगटन में मौजूद इजरायली दूतावास ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

लारीजानी की हत्या के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब इजरायल ने मार्च में ईरान के वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की कथित तौर पर हत्या कर दी। एक पश्चिमी अधिकारी के मुताबिक यह एक टर्निंग पॉइंट था। अमेरिका बातचीत के लिए ईरान के किसी बड़े अधिकारी की तलाश कर रहा था और अचानक लारीजानी को रास्ते से हटा दिया गया।

इसके बाद अप्रैल में शुरुआती युद्धविराम कराने और जून में एक बड़े समझौते का खाका तैयार करने में विदेश मंत्री अराघची और संसद अध्यक्ष गालिबफ ही अमेरिका के मुख्य संपर्क सूत्र बने थे।

पाकिस्तानी दौरे से लौटते वक्त टला बड़ा हादसा

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में एक और हैरान करने वाली घटना का जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में युद्धविराम के बाद भी इजरायल इन नेताओं को निशाना बनाने की फिराक में था।

12 अप्रैल को ईरान के संसद अध्यक्ष गालिबफ जब इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत कर वापस लौट रहे थे, तब उन्हें इजरायली हमले के खतरे का इनपुट मिला। इस खुफिया जानकारी के बाद उनके विमान की मश्हद शहर में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और फिर वे वहां से सड़क मार्ग के जरिए सुरक्षित तेहरान पहुंचे।

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