छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर सामने आ रही है।
यह योजना महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी दे रही है।
मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम उमरिया की निवासी श्रीमती रामफूल बाई मौर्य इस योजना का जीवंत उदाहरण हैं।
शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने जीवन और आजीविका को नई दिशा दे पा रही हैं।
रामफूल बाई घरेलू दायित्वों के साथ घर पर सिलाई का कार्य करती हैं तथा गांव में एक छोटी दुकान का भी संचालन कर रही हैं।
पूर्व में सीमित संसाधनों के कारण उन्हें घरेलू खर्चों और व्यवसाय के विस्तार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
योजना से प्राप्त नियमित सहायता से अब वे सिलाई के लिए आवश्यक सामग्री खरीद पा रही हैं और दुकान में भी छोटे निवेश कर पा रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ आत्मविश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।
रामफूल बाई का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार के विकास में योगदान देने की शक्ति दी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।