रेलवे खानपान व्यवस्था पर सवाल, दूरंतो एक्सप्रेस के वायरल वीडियो के बाद FSSAI का IRCTC को नोटिस…

दुरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की स्वच्छता को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12223) में कथित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर आईआरसीटीसी को वैधानिक नोटिस जारी किया है।

एफएसएसएआई के अनुसार, यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद सामने आया।

वीडियो में कथित तौर पर ट्रेन के कैटरिंग स्टाफ या अनुबंधित कर्मचारियों को ट्रेन के शौचालय के अंदर भोजन परोसने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन धोते हुए देखा गया।

प्राधिकरण ने कहा कि यदि वीडियो में दिखाया गया दावा सही पाया जाता है, तो यह बेहद अस्वच्छ और खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। इसी वजह से आईआरसीटीसी से तुरंत विस्तृत जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी गई है।

खाद्य सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता

एफएसएसएआई ने अपने नोटिस में कहा कि खाद्य व्यवसाय संचालकों को खाद्य पदार्थों और उनसे संपर्क में आने वाली वस्तुओं की सफाई, धुलाई और रखरखाव स्वच्छ तरीके से करना अनिवार्य है। यह प्रावधान खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-4 में शामिल है।

प्राधिकरण ने कहा कि शौचालय क्षेत्र में बर्तन धोना खाद्य पदार्थों के दूषित होने का गंभीर खतरा पैदा करता है। यह न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है, बल्कि रेलवे कैटरिंग सेवाओं पर यात्रियों का भरोसा भी कमजोर कर सकता है।

एफएसएसएआई ने आईआरसीटीसी से घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी देने और यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित ट्रेन में कैटरिंग सेवा किसी ठेकेदार या लाइसेंसी के माध्यम से संचालित की जा रही थी या नहीं।

ठेकेदार और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांगी जानकारी

खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार का विवरण और उसका वैध एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर भी मांगा है। इसके साथ ही घटना के बाद उठाए गए तत्काल सुधारात्मक कदमों और जिम्मेदार कर्मचारियों या ठेकेदार के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा गया है।

एफएसएसएआई ने ट्रेन में तैनात खाद्य कर्मियों के लिए आयोजित फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (फोस्टैक) कार्यक्रमों का ब्योरा भी मांगा है। इसमें प्रशिक्षण की श्रेणी और उसकी वैधता से जुड़ी जानकारी शामिल है।

प्राधिकरण ने आईआरसीटीसी को निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। मामले को गंभीर मानते हुए एफएसएसएआई ने आईआरसीटीसी से तत्काल जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

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