दुनिया के सबसे बड़े फाइटर जेट अपग्रेड की तैयारी: स्वदेशी तकनीक और आधुनिक रडार से लैस होगा ‘सुपर सुखोई’…

भारतीय वायुसेना के मुख्य लड़ाकू विमान Su-30MKI को आधुनिक बनाने के लिए ‘सुपर सुखोई’ कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम की अनुमानित लागत करीब 63,000 करोड़ रुपये है और इसमें वायुसेना के कुल 260 विमानों में से लगभग 180 Su-30MKI को अपग्रेड किया जाएगा।

यह दुनिया के सबसे बड़े फाइटर जेट आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में से एक होगा।

भारतीय वायुसेना पुराने विमानों को राफेल, तेजस Mk-1A, आगामी तेजस Mk-2 और एमसीए से बदल रही है, लेकिन इस संक्रमण काल में Su-30MKI मुख्य भूमिका निभाएगा।

2000 के दशक में शामिल किए गए इन विमानों को अब व्यापक अपग्रेड मिलेगा।

अपग्रेड की मुख्य विशेषताएं

  • इंडिजिनस विरूपाक्ष एईएसए रडार- लंबी दूरी का पता लगाने, इलेक्ट्रॉनिक हमलों से बेहतर सुरक्षा और एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता।
  • उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, एआई-सक्षम मिशन कंप्यूटर और सेंसर फ्यूजन तकनीक, जो रडार, इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस को एकीकृत कर पांचवीं पीढ़ी जैसी क्षमता प्रदान करेगी।
  • NaVIC, GPS, GLONASS, BeiDou, Galileo और GAGAN के साथ संगत मल्टी-कॉन्स्टेलेशन नेविगेशन एंटेना
  • नई पीढ़ी के एयर-टू-एयर और एयर-टू-सरफेस हथियार, लंबी दूरी के स्टैंडऑफ हथियार और स्वदेशी अस्र मिसाइल परिवार।
  • डिजिटल ट्विन तकनीक और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस से रखरखाव बेहतर होगा और सॉर्टी रेट बढ़ेगा।
  • यह अपग्रेड Su-30MKI को और अधिक घातक, नेटवर्क-सेंट्रिक और भविष्य के युद्धक्षेत्र के अनुकूल बनाएगा।

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