अफसर बदलते रहे, 1334 ध्वस्तीकरण आदेश नहीं हुए लागू; अब दोषियों पर गिरेगी गाज…

शहर में आम व्यक्तियों पर बिना अनुमति निर्माण पर कहर बरपाने वाले विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद के अभियंताओं की रसूखदारों के अवैध निर्माण पर फाइलें दबती गईं। बीडीए के 1334 समेत आवास विकास परिषद के आंकड़े बताते हैं कि शहर में 1400 से अधिक अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के आदेश 12 वर्ष से अधिक समय से फाइलों से बाहर नहीं निकल सके।

अब लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद ऐसे अवैध निर्माण की कुंडली फिर से खंगाली जाने लगी है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने ऐसे सभी अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण के आदेश की रिपोर्ट तलब कि जिसके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

उन्होंने दावा किया कि जल्दी ही इन सभी अवैध निर्माण की स्थलीय निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति देख नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि शासन की ओर से एक जनहित याचिका के बाद सभी प्राधिकरणों की ओर से जनवरी 2012 से दिसंबर 2024 तक अवैध निर्माण का तलब किए ब्योरे में प्रदेश भर में 1,77,018 अवैध निर्माण सामने आए थे। इसमें बरेली में 13196 अवैध निर्माण शामिल हैं।

इसमें, बीडीए की ओर से 1334 अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया चुका है। अब लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद बीडीए की ओर से अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय कहती हैं कि अवैध निर्माण के विरुद्ध बरेली विकास प्राधिकरण लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है।

इसके चलते पूरे प्रदेश में बीडीए अग्रणी है। अवैध निर्माण बिल्कुल नहीं हो इसके लिए हम विशेषज्ञों के साथ मिलकर तकनीक पर भी काम रहे हैं। आमजन को भी भवन-कालाेनी का मानचित्र स्वीकृति कराने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए बीडीए की ओर से शहर के अलग-अलग हिस्सों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

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