जॉर्जिया के प्रधानमंत्री इराक्ली कोबाखिद्जे शुक्रवार को संसद में अपना वार्षिक संबोधन दे रहे थे, तभी हिंसक झड़प हो गई। स्प्रिंग सत्र के इस आखिरी पूर्ण सत्र के दौरान सत्ताधारी दल जॉर्जियाई ड्रीम और विपक्षी दल गाखारिया फॉर जॉर्जिया के सांसदों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल के सांसदों ने उनके सदस्य पर हमला किया।
यह हंगामा प्रश्नकाल के दौरान शुरू हुआ, जब विपक्ष के सांसद जियोर्गी शराशीद्जे प्रधानमंत्री के अधिकारों और उनकी भूमिका पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के हालिया जॉर्जिया दौरे का जिक्र किया।
इस दौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें जॉर्जियाई ड्रीम पार्टी के संस्थापक और मानद अध्यक्ष बिद्जना इवानिश्विली और राष्ट्रपति अलीयेव आगे चल रहे थे, जबकि पीएम कोबाखिद्जे उनके पीछे पृष्ठभूमि में चलते नजर आ रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि असली ताकत इवानिश्विली के हाथ में है और प्रधानमंत्री केवल एक माध्यमिक भूमिका निभा रहे हैं।
सांसद शराशीद्जे ने मंच से सीधे पीएम को संबोधित करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति अलीयेव जॉर्जिया में थे, तो पूरे देश ने वे तस्वीरें देखीं कि आप कैसे कोने में खड़े थे। यह सीधे तौर पर इस सरकार में आपकी असली भूमिका और स्थिति को दर्शाता है। इसे हमें समझाएं।
जॉर्जिया में कई प्रधानमंत्री हुए हैं, लेकिन ऐसा कभी कोई नहीं हुआ। उन्होंने सत्ताधारी दल के सांसदों की हूटिंग का जवाब देते हुए आगे कहा कि अपनी बेशर्मी और अशिष्टता कहीं और ले जाएं।
बहस के बाद भड़की हिंसक झड़प
शराशीद्जे की इस टिप्पणी के बाद संसद में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया। जैसे ही वह पोडियम से नीचे उतरे, सांसदों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि संसद के आधिकारिक प्रसारण को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
विपक्षी प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री पर देश को लोकतांत्रिक रूप से पीछे धकेलने और जॉर्जिया को यूरोपीय संघ की सदस्यता के रास्ते से भटकाने का भी गंभीर आरोप लगाया।
ओलंपिक चैंपियन सांसद ने भी चलाए घूंसे
मीडिया आउटलेट्स द्वारा जारी फुटेज के अनुसार, लड़ाई की शुरुआत सबसे पहले जॉर्जियाई ड्रीम के सांसद इराकली खेलाद्ज़े और विपक्ष के गीगा पारुलावा के बीच हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के कई अन्य सांसद इस मारपीट में कूद पड़े।
विरोधी सांसदों पर घूंसे बरसाने वालों में जॉर्जियाई ड्रीम के सांसद लाशा तालाखाद्जे को स्पष्ट रूप से पहचाना गया, जो वेटलिफ्टिंग में तीन बार के ओलंपिक चैंपियन रह चुके हैं।
उनके अलावा कानूनी मामलों की समिति के अध्यक्ष अर्चिल गोर्डुलाद्जे भी विपक्षियों को मारते दिखे। इस पूरे हंगामे के दौरान प्रधानमंत्री कोबाखिद्जे और उनके कैबिनेट सदस्य अपनी कुर्सियों पर बैठकर दूर से ही तमाशा देखते रहे।
सुरक्षाकर्मियों का हस्तक्षेप
संसद के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की और मारपीट के बीच विपक्षी सांसदों को सदन से बाहर निकाल दिया। यह हिंसक टकराव कई मिनटों तक चलता रहा।
घटना के तुरंत बाद संसद भवन में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बुलाना पड़ा। डॉक्टरों और एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायल सांसदों को प्राथमिक उपचार दिया गया।