ब्रिटेन की दो सबसे बड़ी मोबाइल नेटवर्क कंपनियों ‘वर्जिन मीडिया ओटू’ और ‘वोडाफोन-थ्री’ ने मिलकर एक नई और बेहद कड़क तकनीक शुरू की है। इसे ‘किल स्विच’ नाम दिया गया है। इसका सीधा काम यह है कि अगर कोई चोर इनके शोरूम से नया स्मार्टफोन चुराता है, तो यह तकनीक उस फोन को हमेशा के लिए एक बेकार बना देगी।
‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल कंपनियों ने यह कदम तब उठाया जब एप्पल और सैमसंग जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने सभी फोन के लिए एक यूनिवर्सल एंटी-थेफ्ट लॉक बनाने से मना कर दिया था।
क्यों पड़ी इस तकनीक की जरूरत?
इस नई ट्रैकिंग तकनीक को लाने का सबसे बड़ा मकसद चोरी के मोबाइलों के ब्लैक मार्केट (काले बाजार) को पूरी तरह से बर्बाद करना है। पिछले कुछ समय में मोबाइल शोरूम्स में चोरी और लूटपाट की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। रिपोर्ट का दावा है कि अकेले लंदन में ही पिछले साल 70000 से ज्यादा लोग फोन चोरी का शिकार हुए हैं।
कैसे काम करती है यह ‘किल स्विच’ तकनीक?
बता दें कि यह सिक्योरिटी सिस्टम बहुत ही चालाकी से और सख्त नियमों के तहत काम करता है। यह तकनीक केवल उन ब्रांड-न्यू स्मार्टफोन्स पर काम करेगी जो अभी शोरूम में रखे हैं और ग्राहकों को बेचे नहीं गए हैं। इसके अलावा जैसे ही कोई चोर दुकान से फोन चुराएगा और उसे पहली बार ‘स्विच ऑन’ करेगा, वह फोन सीधे मैन्युफैक्चरर के एक खास डेटाबेस में ब्लैकलिस्ट हो जाएगा।
दूर बैठे ही फोन हो जाएगा ब्लॉक
जानकारी के अनुसार डेटाबेस में नाम आते ही फोन पर एक रिमोट कमांड भेजी जाएगी, जिससे वह हैंडसेट पूरी तरह से लॉक हो जाएगा और किसी काम का नहीं रहेगा। नेटवर्क कंपनियां कानूनी तौर पर ग्राहकों द्वारा खरीदे जा चुके फोन को इस तरह ब्लॉक नहीं कर सकतीं, क्योंकि बेचने के बाद कंपनी फोन की मालिक नहीं रह जाती।
टेक कंपनियों और पुलिस के बीच खींचतान
गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पुलिस और कई संगठन लगातार फोन बनाने वाली बड़ी कंपनियों पर दबाव डाल रहे हैं कि वे फोन के अंदर ही ऐसा ‘किल स्विच’ इन-बिल्ट दें, जिससे चोरी के फोन की रीसेल वैल्यू खत्म हो जाए।
पिछले साल यूके की नेटवर्क कंपनियों के संगठन ‘मोबाइल यूके’ ने गृह सचिव को चिट्ठी लिखकर सरकारी दखल की मांग भी की थी। उनका कहना था कि एप्पल जैसी कंपनी अपने खुद के ‘एप्पल स्टोर्स’ से चोरी होने वाले फोन्स के लिए पहले से ही ऐसा ‘किल-स्विच’ सिस्टम इस्तेमाल करती है, तो फिर बाकी स्टोर्स के लिए ऐसा करने में क्या दिक्कत है?