मानसून सत्र से पहले संसद में नया सिटिंग अरेंजमेंट, कई सांसदों की सीटें बदलीं; जानें इसके पीछे की वजह…

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निचले सदन में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सदस्यों को नई सीट का आवंटन किया है, ताकि वे अपनी पुरानी पार्टी के सांसदों से अलग बैठ सकें। इस प्रक्रिया में कुछ अन्य सांसदों के बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

तृणमूल के बागी सांसदों को अलग बैठाने का मतलब था कि दूसरे सांसदों को नई सीटों पर भेजा जाए। नए डिविजन नंबर की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि कुल 39 सांसदों को नई सीटों का आवंटन किया गया है।

अगर पार्टियों के हिसाब से देखें तो एक सांसद वाली RLP और दो सांसदों वाली RLD ने 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की है। वहीं CPI(ML-L) और जोरम पीपुल्स मूवमेंट भी 30 और 31 बैठकों में शामिल होकर दूसरे स्थान पर रहे। समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों की औसत उपस्थिति 28.4 दिन रही और वह तीसरे स्थान पर रही।

वहीं सबसे बड़ी पार्टियों की उपस्थिति उपेक्षा से कम रही। बीजेपी के 191 सांसदों की औसत उपस्थिति 26.5 बैठकें रही। कांग्रेस के 97 सांसद औसतन 23.1 बैठकों में ही शामिल हुए। क्षेत्रीय दलों में TMC की औसत उपस्थिति 15 बैठकें और DMK की 14.6 बैठकों में रही।

राज्यसभा में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। कुल 255 सांसदों में से 119 यानी 46.6 प्रतिशत से कम सांसदों ने 90 से 100 प्रतिशत बैठकों में भाग लिया। यहां भी सबसे अच्छी उपस्थिति क्षेत्रीय दलों की रही। DMDK के अकेले सांसद ने 100 प्रतिशत हाजिरी दी।

वहीं J&K-NC के तीन सांसदों की औसत उपस्थिति 94.6 प्रतिशत रही। JDS, MNF, BJD, SP और NPP के सांसदों की उपस्थिति भी 90 प्रतिशत से ज्यादा रही। इसके बावजूद सदन में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी की औसत उपस्थिति 84.4 प्रतिशत और कांग्रेस की 80.6 प्रतिशत रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *