केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में रविवार को कोलकाता में बंगाल की टैक्सियों को ‘भारत टैक्सी’ से जोड़ने के लिए ‘सारथी’ अवधारणा के तहत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
गृह मंत्री ने इसे बंगाल के लिए महत्वपूर्ण व नई शुरुआत बताते हुए कहा कि इस कदम के बाद राज्य का प्रत्येक वाहन चालक केवल ड्राइवर नहीं रहेगा, बल्कि अपनी गाड़ी के साथ भारत टैक्सी का भी हिस्सेदार होगा। कंपनी के लाभ में उसका हिस्सा सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचेगा।
‘भारत टैक्सी के माध्यम से सारथी की अवधारणा शुरू’
गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान में कई निजी एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा टैक्सी चालकों का शोषण किया जाता है। केंद्र सरकार ने भारत टैक्सी के माध्यम से सारथी की अवधारणा शुरू की है। इस पहल से टैक्सी चालकों को सम्मान, स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी तथा निजी एग्रीगेटर कंपनियों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
शाह ने यह भी कहा कि बंगाल सरकार ने सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय का पूर्ण कंप्यूटरीकरण केवल नौ सप्ताह में पूरा कर दिया है।
अब सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि मोबाइल फोन के माध्यम से ही रजिस्ट्रार कार्यालय की सेवाओं का लाभ ले सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी। इस अवसर पर 10 सहकारी गोदामों का शिलान्यास और कुल 1400 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का उद्घाटन भी किया गया।