हिमाचल प्रदेश एंट्री टैक्स पर फिर विवाद गहराने वाला है। अन्य राज्यों के वाहनों से प्रवेश शुल्क वसूलने का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिमाचल की सीमा पर पंजाब के नूरपुर बेदी से एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। विभिन्न किसान संगठनों, टैक्सी यूनियनों और निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का एलान कर दिया है।
26 जुलाई से घनौली-नालागढ़ स्टेट हाईवे स्थित ढेरोंवाल एंट्री टोल नाके पर अनिश्चितकालीन पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा की है।
हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी
नूरपुर बेदी के पुराने बस स्टैंड चौक में हुए प्रदर्शन में पंजाब मोर्चा, किरती किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन (बहरामके), आजाद टैक्सी यूनियन, नूरपुर बेदी टैक्सी यूनियन तथा निहंग सिंह जत्थेबंदियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
समीपवर्ती जिलों के लिए छूट की मांग
पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा, निहंग सिंह जत्थेबंदियों के नेता बाबा अच्छर सिंह महाकाल, भारतीय किसान यूनियन (बहरामके) के जिलाध्यक्ष करणवीर सिंह, अवतार सिंह, किरती किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीर सिंह बड़वा, हरप्रीत सिंह भट्टो, आजाद टैक्सी यूनियन के जिलाध्यक्ष सोहन सिंह भैणी, बाबा कमलजीत सिंह जस्सी नलहोटी तथा नूरपुर बेदी टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दर्शन सिंह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि जब तक रूपनगर, मोहाली, पठानकोट और होशियारपुर जैसे सीमावर्ती जिलों को हिमाचल एंट्री टैक्स से पूरी तरह मुक्त नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।