वैशाख माह में आने वाले शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सीता नवमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन पर सुहागिनों द्वारा व्रत रखने से अखंड सौभाग्य, संतान सुख और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आज हम आपको कुछ ऐसे काम बताने जा रहे हैं, जिन्हें सीता नवमी के शुभ अवसर पर करने से घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने लगता है।
सुबह उठकर करें ये काम
- सीता नवमी के दिन सूर्योदय या उससे पहले उठें और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें।
- इस दिन पर पीले रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है।
- सीता नवमी के विशेष अवसर पर माता सीता के साथ-साथ प्रभु श्रीराम की पूजा भी जरूर करें।
इस तरह करें पूजा
- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता सीता और श्रीराम की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- सीता नवमी की पूजा में माता सीता को पीले फूल और शृंगार की सामग्री अर्पित करें।
- अब फूल-माला, चावल, रोली, धूप, दीप, फल, मिठाई आदि चढ़ाएं।
- माता सीता और प्रभु श्रीराम को भी पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
- माता जानकी के माथे पर सात बार सिंदूर अर्पित करें और फिर, अपने माथे पर इस सिंदूर को लगाएं।
- पूजा में “श्री जानकी रामाभ्यां नमः” मंत्र का जप करें।
- माता सीता के मंत्रों का 108 बार जाप और सीता चालीसा का पाठ करें।
- अब दीपक जलाकर माता सीता और श्रीराम की आरती करें।
दान करें ये चीजें
सीता नवमी के दिन शृंगार की सामग्री के साथ-साथ पीले रंग के वस्त्र और पीले फलों का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही आप इस दिन पर अन्न जैसे गेहूं, चावल और दाल आदि का दान करते हैं,तो इससे घर में अन्नपूर्णा का वास होता है।
सीता नवमी पर श्रद्धाभाव से दान करने से साधक को माता सीता और प्रभु श्रीराम का विशेष आशीर्वाद मिलता है, जिससे घर में सदैव सकारात्मकता बनी रहती है।
शाम को क्या करना चाहिए
सीता नवमी की शाम को घर के मुख्य द्वार और तुलसी के पौधे के पास एक गाय के घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है।