मानगो स्थित एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड में इलाजरत घाघीडीह केंद्रीय कारा के विचाराधीन बंदी अशोक महतो ने सातवीं मंजिल से शुक्रवार दोपहर को कूदकर अपनी जान दे दी।
इससे पहले 19 अप्रैल को अशोक ने जेल के भीतर भी अपना गला काटकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन समय पर जेलकर्मिंयों ने उसे पकड़ लिया था।
इसके बाद उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कैदी वार्ड में उसका इलाज चल रहा था।
शुक्रवार की दोपहर में उसको कैदी वार्ड से डाक्टर के पास ले जाया जा रहा था कि अचानक से उसने चकमा देकर पुलिसकर्मी से हाथ छुड़ा लिया और सातवीं मंजिल से कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए
घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए है। डाक्टरों के अनुसार उसे रांची ले जाने की तैयारी थी। सरायकेला जेल से जून 2026 में उसे सरायकेला जेल से घाघीडीह केंद्रीय कारा भेजा गया था।
वह सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र कुरली ग्राम में शेयर ट्रेडिंग में नुकसान के बाद पारिवारिक विवाद में पत्नी मधुमिता महतो और डेढ़ साल के पुत्र रोहित की गला दबाकर 18 नवंबर 2024 को कर दी थी। पुलिस ने उसे घटना के दो दिन बाद गिरफ्तार किया था।
मोबाइल आईफोन बरामद किया
मधुमिता महतो के पिता चांडिल थाना अंतर्गत रावतदा गांव निवासी सत्यनारायण महतो के लिखित शिकायत पर अशोक कुमार महतो पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चांडिल थाना अंतर्गत काली मंदिर के पास से उसे गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने आरोपित के पास से एक मोबाइल आईफोन बरामद किया था। अशोक महतो शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। कारोबार में लगातार आर्थिक नुकसान होने के कारण उसकी पत्नी झगड़ा करती थी. इसी तनाव और कलह के चलते उसने पत्नी और पुत्र की हत्या कर दी थी।
एक माह पहले चौथी मंजिल से कूदकर मरीज ने दी थी जान
एक माह पहले एमजीएम अस्पताल से परसुडीह में रहने वाले एक 28 वर्षीय मरीज ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। वह पिछले चार वर्षों से एचआईवी संक्रमण से ग्रसित था।
बताया जा रहा है कि एमजीएम अस्पताल में इस तरह की यह चौथी घटना है। इससे पहले भी तीन मरीज खिड़की से कूदकर जान दे चुके है। हर बार अस्पताल प्रबंधन ने खिड़कियों में सुरक्षा जाली लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।