एक दशक में भारत के मोबाइल फोन निर्यात में 165 गुना वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच भी हुई मजबूत…

सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि पिछले एक दशक में भारत के मोबाइल फोन निर्यात में 165 गुना बढ़ोतरी हुई है। यह 2014-15 के लगभग 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 2.59 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो देश के वैश्विक इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर तेजी से उभरने का प्रमाण है।

लोकसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल फोन का उत्पादन भी लगभग 33 गुना बढ़ा है और यह 2014-15 के 18,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 6.27 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन लगभग सात गुना बढ़ा है और यह 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं इलेक्ट्रानिक्स निर्यात लगभग 11 गुना बढ़ा और यह लगभग 38,000 करोड़ रुपये से 4.24 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

पीएलआई स्कीम ने मोबाइल उत्पादन ईकोसिस्टम में 96 हजार करोड़ का निवेश बढ़ाया

सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि पीएलआइ स्कीम ने घरेलू मोबाइल प्रोडक्शन ईकोसिस्टम में 96 हजार करोड़ रुपये का निवेश बढ़ाया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना-प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में कहा कि सरकार की पहलों के बाद देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 के 11.32 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है। मोबाइल फोन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2020 में पीएलआइ-एलएसईएम योजना शुरू की गई थी।

मंत्री ने कहा, “स्मार्टफोन 2014 में शीर्ष 100 निर्यात होने वाली वस्तुओं में शामिल नहीं थे, लेकिन अब ये पेट्रोलियम, रत्न और आभूषणों को पीछे छोड़कर वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की निर्यात होने वाली शीर्ष वस्तुओं में शामिल हो गया है।

ग्रामीण इंटरनेट की पहुंच में सुधार हुआ

दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को संसद में बताया कि 2025-26 के दौरान देश में ग्रामीण इंटरनेट की पहुंच में सुधार हुआ है और ग्रामीण इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या प्रति 100 आबादी पर 45.03 से बढ़कर 48.31 हो गई है।

सिंधिया ने कहा कि नेशनल ब्राडबैंड मिशन 2.0 के तहत, 31 मार्च 2026 तक राष्ट्रीय औसत फिक्स्ड ब्राडबैंड डाउनलोड स्पीड 60.85 एमबीपीएस तक पहुंच गई।

साथ ही, स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ियों और पंचायत कार्यालयों जैसे प्रमुख संस्थानों में ब्राडबैंड कनेक्टिविटी बढ़कर 21,82,312 कनेक्शन हो गई।

ईडीएफ के तहत समर्थित स्टार्टअप ने 22,553.82 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए

सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट फंड (ईडीएफ) के तहत समर्थित स्टार्टअप ने कुल मिलाकर 22,553.82 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए हैं जबकि इस फंड ने सेबी पंजीकृत आठ फंड्स के जरिये निवेश करके 128 स्टार्टअप्स और कंपनियों की मदद की है।

सूचना-प्रौद्योगिकी सेक्टर ने 1.35 लाख लोगों को नौकरी पर रखा
सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के सूचना-प्रौद्योगिकी सेक्टर ने 1.35 लाख लोगों को नौकरी पर रखा। नौकरियों में यह बढ़ोतरी इस आम डर को खत्म करती है कि ऑटोमेशन और एआई की वजह से बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है।

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