गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को लोकसभा से पेपर लीक के खिलाफ विधेयक पारित होने का स्वागत किया है।
अमित शाह ने कहा है कि यह विधेयक युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं की रक्षा करता है। इसमें ऐसे कठोर प्रविधान किए गए हैं, जिनसे सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता भंग करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
एक्स पर एक पोस्ट में शाह ने कहा-आज लोकसभा से ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित होने पर भारत के सभी छात्रों को बधाई।
मोदी सरकार देश के छात्रों का भविष्य खतरे में डालने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि दोषियों को कानून के तहत अधिकतम सजा मिले।
एएनआई के अनुसार, राजनाथ सिंह ने इस बात पर प्रसन्नता जताई के लोकसभा ने लंबी बहस के बाद पेपर लीक के खिलाफ विधेयक पारित कर दिया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भारत की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। मैं उन सांसदों और पार्टियों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस विधेयक का समर्थन किया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस विधेयक में सख्त सजा, विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट, निर्धारित समय में जांच, विशेष सरकारी वकील और अपील की तेज प्रक्रिया का प्रावधान है, ताकि पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लोगों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह विधेयक पेपर लीक से जुड़े इकोसिस्टम को खत्म करने की कोशिश है। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ेगी। इससे परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों से निपटने के लिए एक सख्त कानूनी ढांचा तैयार होगा।