भारत ने अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक बार फिर अपनी मजबूत होती कूटनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारियों का संदेश दिया है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू को उनके गर्मजोशी भरे संदेश के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत, इजरायल के साथ अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है। दोनों देशों के बीच की यह अनूठी रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के नागरिकों को और अधिक करीब लाने के साथ-साथ भविष्य के नए द्वार खोलेगी।
नेतन्याहू ने भारत और अपने “प्रिय मित्र” प्रधानमंत्री मोदी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा कि भारत और इजराइल ने एक साल के अंतराल पर स्वतंत्रता प्राप्त की थी। दोनों प्राचीन सभ्यताएं और राष्ट्र एक साथ मिलकर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं ताकि अपने नागरिकों को एक बेहतर जीवन दे सकें।
उन्होंने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों की यह गहरी दोस्ती और नवाचार (इनोवेशन) असीम है और “सबसे बेहतरीन समय अभी आना बाकी है।” इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत, इजराइल के साथ अपनी इस गहरी दोस्ती को बहुत महत्व देता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच की यह विशेष रणनीतिक साझेदारी आने वाले दिनों में और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने लोगों के कल्याण और आपसी समृद्धि के लिए इस साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
राष्ट्रपति हर्जोग ने कामना की कि इजराइल और भारत के बीच इस खूबसूरत दोस्ती को हम भविष्य में भी और अधिक मजबूत करते रहें। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे सहित अन्य वैश्विक नेताओं का भी भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भेजी गई शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत और इजराइल के संबंध आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुके हैं जहां दोनों देश तकनीक, नवाचार, कृषि और सुरक्षा के क्षेत्र में एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं।
इजराइल जहां तकनीकी महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान रखता है, वहीं भारत प्रतिभा, विनिर्माण उत्कृष्टता और अपार उद्यमशीलता की ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह परस्पर आत्मीयता इस बात का प्रमाण है कि आने वाले समय में यह साझेदारी वैश्विक शांति और विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।