मध्य प्रदेश में फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त नौ डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि 10 अन्य संदिग्ध डॉक्टर जांच के दायरे में हैं…

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में फर्जी डिग्री के सहारे मरीजों का इलाज कर रहे कथित डॉक्टरों के खिलाफ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने बड़ी कार्रवाई की है।

एनएचएम की शुरुआती जांच में प्रदेश के विभिन्न जिलों में नौ फर्जी डॉक्टर पकड़े गए हैं। इन सभी को बर्खास्त कर इनके खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल के संजीवनी क्लीनिकों में भी स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें जांच कर रही हैं। जांच का दायरा बढ़ने के साथ फर्जी डॉक्टरों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

फिलहाल 10 और संदिग्ध डाक्टरों की सूची तैयार की गई है, जिनकी डिग्रियां और रजिस्ट्रेशन नंबर जांच के घेरे में हैं। अगले कुछ दिनों में इनके फर्जीवाड़े का आधिकारिक राजफाश भी हो सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत सभी संविदा डॉक्टरों की नए सिरे से जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि दमोह जिले में पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश भर के संजीवनी क्लीनिकों और अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के दस्तावेजों की स्क्रूटनी शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 81 डाक्टरों के दस्तावेज की जांच की जा चुकी है।

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