बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ शीतकाल में सूनी पड़ी बदरीनाथ माणा घाटी में रौनक लौट आयी है। खास बात यह है कि मैदानी क्षेत्रों में बढ़े तापमान के बीच बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर हिमखंड (Icebergs) यात्रियों को भा रहे हैं। हिमखंडों के पास यादगार तस्वीरें खींचकर अपनी यात्रा को यादगार भी बना रहे हैं।
शीतकाल में बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ हनुमानचट्टी से ऊपर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित हो जाती है। इस क्षेत्र में रहने वाले भोटिया जनजाति के लोग भी अपने शीतकालीन प्रवास गोपेश्वर घिंघराण ज्योतिर्मठ सहित अन्य स्थानों पर चले जाते हैं।
कपाट खुलने से पहले देश के प्रथम गांव माणा के लोग अपने मवेशियों के साथ लौट आए हैं। साथ ही यात्रा पड़ावों पर पांडुकेश्वर, हनुमानचट्टी , लामबगड़ सहित अन्य स्थानों पर रौनक लौट आयी है। बदरीनाथ की चोटियों में बर्फ है लेकिन, धाम में बर्फ पूरी तरह पिद्यल चुकी है।
हिमखंडों को तस्वीरों को कैद करना यात्रियों की पहली पसंद
रडांग बैंड व माणा के पास हिमखंड पसरा हुआ है। इन हिमखंडों के साथ खेलना व तस्वीरों को कैद करना यात्रियों की पहली पसंद बन रही है।
कोलकाता से आए हेमंत दास का कहना है कि वे बदरीनाथ की यात्रा पर परिवार के साथ आए हैं। देश के प्रथम गांव माणा के साथ अन्य तीर्थस्थलों पर पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिली है।
दिल्ली निवासी एचसीएल कंपनी के अधिकारी रविकुमार शर्मा ने कहा कि बदरीनाथ धाम में ठंड का मौसम आर्कषित कर रहा है।