एयर कंडीशनर (AC) इंस्टालेशन एक्सपर्ट कृष्णन कुमार ने बताया कि एसी से जुड़ी आग की घटनाओं में स्प्लिट या विंडो जैसे किसी एक प्रकार को सीधे जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। हालांकि व्यवहारिक तौर पर स्प्लिट एसी से जुड़े हादसे अधिक देखने को मिलते हैं।
इसकी वजह यह है कि स्प्लिट एसी में इंडोर और आउटडोर यूनिट के बीच अलग-अलग केबलिंग, कनेक्शन और इंस्टालेशन प्रक्रिया होती है। यदि इंस्टालेशन में जरा भी कमी रह जाए या कनेक्शन ढीले हों, तो स्पार्किंग और शार्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
AC में आग/ब्लास्ट क्यों होता है?
कृष्णन कुमार के अनुसार असली कारण खराब वायरिंग, गलत इंस्टालेशन और समय पर रखरखाव न होना है। उन्होंने बताया कि विंडो एसी में पूरा सिस्टम एक ही यूनिट में होता है, इसलिए उसमें इंस्टालेशन से जुड़ी गड़बड़ियां अपेक्षाकृत कम होती हैं, लेकिन ओवरलोडेड साकेट, खराब प्लग या पुरानी वायरिंग वहां भी जोखिम पैदा कर सकती है।
बताया कि कई बार नियमित सर्विस न होने से धूल जमना, कनेक्शन ढीले पड़ना और मशीन पर अतिरिक्त लोड आना आम बात है, जो आग लगने के खतरे को बढ़ाता है।
ऐसे खतरों से कैसे बचें?
उनके अनुसार सही क्षमता की वायरिंग, अलग सर्किट, प्रशिक्षित तकनीशियन से इंस्टालेशन और समय-समय पर सर्विसिंग ही इस तरह की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोक सकती है।
इसके अलावा स्प्लिट एसी का आउटर यूनिट कई बार हम छत पर या बाहर लगा देते हैं, जिससे कबूतर सहित उन पक्षी उसमें अपना घोंसला बना लेते हैं या बंदर उसे पर कूंद-फांद करते हैं, उन्हें हिलाते हैं। जिससे कनेक्शन में गड़बड़ी आने की पूरी आशंका रहती है। यह भी हादसे का बड़ा कारण बन सकता है।