पिछले 14 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई।
नगरपालिका कर्मचारी संघ और सरकार के बीच विभिन्न मांगों पर बनी सहमति के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। शुक्रवार सुबह से सफाई कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए।
हड़ताल खत्म होने के साथ ही नगर निगम ने शहर में जमा कूड़े के उठान का काम तेज कर दिया है। मशीनों और ट्रैक्टरों की मदद से प्रमुख सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों से कूड़ा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारी एक मई से हड़ताल पर थे। करीब 3200 कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
कई इलाकों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठने के कारण सड़कों किनारे कूड़े के ढेर लग गए थे। बाजारों, कालोनियों और मुख्य मार्गों पर फैली गंदगी के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी के मौसम में बदबू और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया था।
हड़ताल के दौरान शहर में लगभग ढाई हजार टन कूड़ा जमा हो गया। नगर निगम के अनुसार अब प्राथमिकता के आधार पर उन इलाकों से कूड़ा हटाया जाएगा जहां स्थिति ज्यादा खराब हो चुकी है। निगम अधिकारियों ने दावा किया है कि अगले कुछ दिनों में सफाई व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त मशीनरी और कर्मचारियों की मदद ली जा रही है।
30 जून तक स्थगित की गई हड़ताल
नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान बसंत कुमार ने बताया कि फिलहाल हड़ताल को 30 जून तक स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन मांगों पर सरकार के साथ सहमति बनी है, यदि उन्हें तय समय में लागू नहीं किया गया तो कर्मचारी एक जून से दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं। फिलहाल कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला लिया है।
दमकलकर्मियों की हड़ताल भी समाप्त
सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ दमकलकर्मियों की हड़ताल भी खत्म हो गई है। दमकल कर्मचारी आठ अप्रैल से आंदोलन पर थे। हड़ताल समाप्त होने से फायर सेवाओं का संचालन भी अब सामान्य हो सकेगा।
सोहना में सफाई कर्मियों को कांग्रेस से मिला समर्थन
हड़ताल खत्म होने से पहले गुरुवार दोपहर कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव सोहना में सफाई कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों की मांगों को समर्थन भी दिया। भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
वर्धन यादव ने कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया और कहा कि जनता की सेवा में दिन-रात जुटे सफाईकर्मियों और अग्निशमन कर्मियों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। वर्षों से शहरों और कस्बों की सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारी आज अपने ही अधिकारों के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं।
वर्धन यादव ने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारियों को केवल आश्वासन देने तक सीमित है, जबकि हकीकत यह है कि सफाईकर्मी और अन्य पालिका कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का माध्यम बन गई हैं।
शहरों को स्वच्छ रखने से लेकर आपातकालीन परिस्थितियों तक अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन बदले में उन्हें न तो स्थायी रोजगार मिल रहा है और न ही पर्याप्त वेतन और सामाजिक सुरक्षा। धरने के दौरान वर्धन यादव ने फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। उन्होंने मांग उठाई कि मृतक अग्निशमन कर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
इस अवसर पर पीसीसी मेम्बर पंकज भारद्वाज, पूर्व चेयरमैन मोहनलाल सैनी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेश खटाना, बीर सिंह नंबरदार, कैप्टेन शीशपाल, जिला सचिव राहुल नंबरदार,मोहन सैनी, जोगिंदर सिंह बागड़ी, धर्म भारद्वाज, दुर्गा प्रसाद, समय सिंह आदि अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।