अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव उस समय अचानक बदल गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी तय समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले युद्धविराम का एलान कर दिया। इससे कुछ ही घंटे पहले तक ट्रंप ईरान को ‘पूरी तरह खत्म कर देने’ और ‘सभ्यता खत्म होने’ जैसी कड़ी चेतावनी दे रहे थे।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। लेकिन डेडलाइन खत्म होने से करीब एक घंटे पहले उन्होंने अचानक दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा कर दी।
उन्होंने कहा कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल देता है, तो अमेरिका दो हफ्तों तक हमले रोकेगा। इस फैसले को उनके रुख में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
लगातार बदलती रही डेडलाइन
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद ट्रंप ने कई बार ईरान को चेतावनी दी और डेडलाइन तय की। 21 मार्च को उन्होंने कहा था कि 48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलो, नहीं तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा।
हालांकि, हर बार डेडलाइन के करीब पहुंचते ही उन्होंने बातचीत का हवाला देते हुए समय बढ़ा दिया। कभी 5 दिन का समय दिया गया, तो कभी 10 दिन की नई डेडलाइन तय की गई।
30 मार्च और 2 अप्रैल को भी ट्रंप ने सख्त बयान दिए और कहा कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ, तो बड़े पैमाने पर बमबारी की जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान के ब्रिज, पावर प्लांट और तेल ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
आखिरी दिनों में बढ़ी सख्ती
अप्रैल की शुरुआत में ट्रंप के बयान और ज्यादा कड़े हो गए। 4 अप्रैल को उन्होंने कहा कि समय खत्म हो रहा है और ईरान को जल्द फैसला लेना होगा।
5 अप्रैल को उन्होंने खुले शब्दों में धमकी दी कि ईरान के अहम ढांचे को तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा, यानी बड़े हमले किए जाएंगे।
7 अप्रैल की सुबह उन्होंने सबसे कड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी। इससे साफ था कि हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके थे।
आखिरी समय में हुआ सीजफायर
डेडलाइन खत्म होने से कुछ ही समय पहले ट्रंप ने अचानक सीजफायर का एलान कर दिया। उन्होंने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर से बातचीत के बाद लिया गया।
ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान की अपील पर उन्होंने हमले रोकने का फैसला किया और इसे ‘डबल साइडेड सीजफायर’ बताया, यानी दोनों पक्षों की सहमति से युद्धविराम हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने अधिकांश सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब स्थायी शांति के लिए बातचीत की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है।
बातचीत की ओर बढ़े दोनों देश
ट्रंप के अनुसार, ईरान ने 10 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है, जिसे अमेरिका बातचीत के लिए एक मजबूत आधार मान रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो हफ्तों का समय अंतिम समझौते को पूरा करने के लिए दिया गया है। इस दौरान दोनों देश बातचीत जारी रखेंगे।