फिदेल कास्त्रो को सत्ता से हटाने के लिए CIA द्वारा रचे गए विनाशकारी बे ऑफ पिग्स आक्रमण के छह दशकों से ज्यादा समय बाद एक बार फिर अमेरिका क्यूबा में सत्ता परिवर्तन कराने के करीब पहुंच गया है। भीषण ईंधन संकट और 22 घंटे तक बिजली गुल रहने से चरमराई क्यूबा की अर्थव्यवस्था के बीच CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने हवाना की यात्रा की।
इस यात्रा के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने वहां के शीर्ष खुफिया और राजनीतिक अधिकारियों से मुलाकात की। CIA प्रमुख ने क्यूबा की राजधानी हवाना में यह यात्रा ऐसे समय में की है, जब यह देश ईंधन की भारी कमी और बिजली की समस्याओं से जूझ रहा है। CIA प्रमुख के इस यात्रा का उद्देश्य क्यूब में सत्ता परिवर्तन कराना है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा तेल आपूर्ति रोके जाने और सैन्य टोही उड़ानें तेज करने के बाद हुई इस यात्रा को वाशिंगटन की ओर से खुली कूटनीतिक घेराबंदी के रूप में देखा जा रहा है। सीआईए प्रमुख ने राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा संदेश देते हुए साफ किया है कि अमेरिका आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर गंभीर बातचीत के लिए तभी तैयार है, लेकिन केवल तभी जब क्यूबा मौलिक बदलाव करे।
अमेरिका और क्यूबा के अधिकारियों के अनुसार, सीआईए (CIA) प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने क्यूबा के आंतरिक मंत्री लाजारो अल्वारेज कैसास, वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों और ‘राउलिटो’ के नाम से मशहूर राउल गुइलेर्मो रोड्रिग्ज कास्त्रो से मुलाकात की।
एक ओर जहां अमेरिकी प्रशासन ने पर्दे के पीछे से मानवीय सहायता और कथित तौर पर 10 करोड़ डॉलर के राहत पैकेज का लालच दिया, वहीं दूसरी ओर उसने क्यूबा के खिलाफ ‘ऊर्जा नाकाबंदी’ को और कड़ा कर दिया। इसके चलते वेनेजुएला और अन्य वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से द्वीप को होने वाली तेल की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
क्यूबा में क्या चाहता है अमेरिका?
दशकों तक कास्त्रो शासन को निशाना बनाकर किए गए असफल गुप्त अभियानों, प्रतिबंधों और हत्या की साजिशों के बाद, अमेरिका क्यूबा में एक मित्रवत, चुनिंदा और आज्ञाकारी शासन चाहता है। ट्रंप ने स्वयं बार-बार सत्ता परिवर्तन की महत्वाकांक्षाओं का संकेत दिया है, खुले तौर पर यह कहते हुए कि क्यूबा अगला हो सकता है, साथ ही हवाना को ईरान और अमेरिका के दुश्मनों से जुड़े व्यापक टकरावों से भी जोड़ा है।
क्यूबा का कम्युनिस्ट नेतृत्व खुद को सुधार नहीं सकता
इस दबाव अभियान पर क्यूबा मूल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की स्पष्ट छाप भी दिखाई देती है, जिनके माता-पिता क्रांति के बाद क्यूबा से भाग गए थे और लंबे समय से हवाना के प्रति कठोर रुख अपनाने के समर्थक रहे हैं। रुबियो ने सार्वजनिक रूप से तर्क दिया है कि क्यूबा का कम्युनिस्ट नेतृत्व खुद को सुधार नहीं सकता और उन्होंने निजी तौर पर हवाना पर अमेरिका से जुड़े भविष्य को अपनाने के लिए दबाव डालने वाली वार्ताओं का नेतृत्व किया है।
क्यूबा में ब्लैकआउट
क्यूबा देश पर इन दिनों ऊर्जा संकट के बादल मंडरा रहे है। वहां के ऊर्जा मंत्री विसेंटे डे ला ओ लेवी ने इस बात की पुष्टि की है कि देश में ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है। हालात इतने खराब है कि देश में डीजल और ईंधन की कमी के कारण 22 घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है। यह स्थिति अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बनी है। वहां के लोगों को फिलहाल ब्लैकआउट का सामना करना पड़ रहा है।