बेबीसिटर से खेतिहर मजदूर तक: जानिए राजनीति में आने से पहले दुनिया के ताकतवर नेताओं का पेशा क्या था…

हम अक्सर दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों को आलीशान महलों, कड़े सुरक्षा घेरे और बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भाषण देते हुए देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों लोगों की किस्मत का फैसला करने वाले ये शक्तिशाली नेता हमेशा से ऐसे नहीं थे।

राजनीति की सीढ़ियां चढ़ने से पहले इनमें से किसी ने फुटपाथ पर सामान बेचा, किसी ने खेतों में पसीना बहाया, तो कोई लोगों के घरों में बच्चों को संभालता था। अब आपके मन में ये सवाल तो जरूर खड़ा हो रहा होगा कि आखिर वो नेता कौन हैं और कहां के हैं? आइए हम आपको दुनिया के सबसे रसूखदार नेताओं के उन्हीं ‘शुरुआती कामों’ के बारे में बताते हैं। 

राजनीति में आने से पहले बेबीसिटर थीं मेलोनी

जी-7 का मंच हो या फिर कोई भी वैश्विक मुद्दा। अपनी आवाज बेबाकी और निडरता से रखने वाली इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जीवन परिचय भी काफी दिलचस्प रहा है।

एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली मेलोनी ने अपने छात्र जीवन में अपने खर्चे निकालने के लिए एक पब में काम किया, बच्चों को संभालने (बेबीसिटर) का काम किया और यहां तक कि बाजारों में म्यूजिक स्टैंड और सामान बेचने का काम भी किया।

जब जिनफिंग करने लगे थे खेत में मजदूरी

विकसित देशों के मंच पर चीन की भागेदारी हमेशा से ही अहम रहती है। ऐसे में आज चीन को दुनिया की महाशक्ति बनाने का दावा करने वाले शी जिनफिंग का युवावस्था का समय बहुत कठिन था।

चीन की सांस्कृतिक क्रांति के दौरान उनके पिता को जेल भेज दिया गया था, जिसके बाद महज 15 साल की उम्र में शी जिनफिंग को एक सुदूर गांव लियानहेुआन में भेज दिया गया। वहां उन्होंने करीब 7 सालों तक एक खेतिहर मजदूर के रूप में खेतों में कड़ी मेहनत की और कंदराओं (गुफाओं) में दिन काटे।

पीएम मोदी का संघर्षपूर्ण सफर 

अब बात अगर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरुआती जीवन की करें, तो पीएम मोदी का जीवन बेहद सादगी और संघर्षों में बीता। वे गुजरात के वडनगर रेलवे स्टेशन पर अपने पिता की मदद के लिए चाय बेचा करते थे। एक साधारण चाय वाले से देश के प्रधानसेवक बनने तक का उनका सफर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की ताकत को दिखाता है।

रियल एस्टेट कारोबारी थे डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बैकग्राउंड पूरी तरह बिजनेस से जुड़ा रहा है। राजनीति में आने से पहले वे दुनिया के सबसे बड़े और मशहूर रियल एस्टेट कारोबारियों में से एक थे। उन्होंने न्यूयॉर्क और दुनिया के कई हिस्सों में गगनचुंबी इमारतें, होटल और गोल्फ कोर्स बनाए। 

फुटपाथ पर सामान बेचते थे तुर्किए के राष्ट्रपति

तुर्किए के शक्तिशाली नेता और राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का बचपन तंगहाली में बीता। अपने स्कूल के दिनों में जेबखर्च निकालने और परिवार की मदद करने के लिए वे इस्तांबुल की गलियों और फुटपाथों पर नींबू पानी और तिल की बनी रोटी बेचा करते थे।

मशहूर कॉमेडियन थे यूक्रेनी राष्ट्रपति

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का राजनीति से पहले जीवन मजेदार था। राजनीति में आने से पहले जेलेंस्की यूक्रेन के एक बेहद मशहूर कॉमेडियन, अभिनेता और टीवी प्रोड्यूसर थे। मजे की बात यह है कि उन्होंने एक टीवी शो में यूक्रेन के राष्ट्रपति का काल्पनिक किरदार निभाया था और बाद में वे सचमुच देश के राष्ट्रपति बन गए।

खुफिया अधिकारी थे रूसी राष्ट्रपति

दुनिया को अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जीवन शुरू से ही प्रभावी रहा। रूस के सबसे ताकतवर नेता पुतिन राजनीति में आने से पहले सोवियत संघ की खतरनाक खुफिया एजेंसी केजीबी (KGB) में एक खुफिया अधिकारी (इंटेलिजेंस ऑफिसर) के रूप में काम करते थे।

आर्थिक सलाहकार थे नेतन्यहू

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के मशहूर एमआईटी (MIT) से पढ़ाई की और राजनीति में कदम रखने से पहले वे बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में एक ‘आर्थिक सलाहकार’ के रूप में काम कर रहे थे।

कॉर्पोरेट जगत में थे नाटो प्रमुख

नाटो के महासचिव मार्क रूटे राजनीति में फुल-टाइम आने से पहले कॉर्पोरेट जगत में थे। उन्होंने प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘यूनिलीवर’ में लंबे समय तक मानव संसाधन प्रबंधक (HR Manager) के रूप में काम किया था।

शाही घराने और धर्म गुरुओं का कैसा रहा सफर

बात अब शाही घराने और धर्म गुरुओं की करें तो ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III ने अपनी युवावस्था में देश की सेवा के लिए ‘रॉयल नेवी’ और ‘रॉयल एयरफोर्स’ में एक अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने बकायदा हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान उड़ाने की ट्रेनिंग ली थी।

इसके अलावा ईसाई धर्म के इतिहास में अहम स्थान रखने वाले पोप लियो 14वें वेटिकन की कमान संभालने से पहले एक कैथोलिक मिशनरी और सेमिनरी (धार्मिक शिक्षा संस्थान) में प्रोफेसर के रूप में युवाओं को शिक्षित करने का काम करते थे।

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