‘लापता लोगों के मामलों में तुरंत दर्ज हो FIR’, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश…

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश भर के पुलिस अधिकारियों को लापता व्यक्तियों के मामलों में तुरंत एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

साथ ही कहा कि मानव तस्करी विरोधी इकाइयों को चार सप्ताह के भीतर पूरी तरह से कार्यरत किया जाना चाहिए।

यह आदेश इस बात को ध्यान में रखते हुए दिया गया कि देश में आज की तारीख में 47,000 बच्चे लापता हैं।

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर महादेवन की पीठ ने कई निर्देश जारी करते हुए लापता बच्चों के मामलों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वे अक्सर संगठित अंतरराज्यीय तस्करी गिरोहों के शिकार होते हैं।

लापता व्यक्तियों के मामलों में तत्काल FIR दर्ज करें

पीठ ने कहा, ‘भारत सरकार के गृह मंत्रालय को निर्देश दिया जाता है कि वह देश के प्रत्येक पुलिस स्टेशन को एक ही मंच से जोड़ने वाला एक अखिल भारतीय नेटवर्क स्थापित करे, जिसमें लापता बच्चों और महिलाओं सहित मानव तस्करी के लिए एक विशेष पोर्टल होगा।’

पीठ ने कहा, “संबंधित पुलिस स्टेशनों को निर्देश दिया जाता है कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही, प्रारंभिक जांच की प्रतीक्षा किए बिना या लापता व्यक्तियों के अभिभावकों पर मामला छोड़े बिना, तुरंत एफआईआर दर्ज करें। उक्त एफआइआर में अपहरण/तस्करी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रासंगिक प्रविधानों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।’

बच्चा लापता हो तो किडनैपिंग की आशंका मानकर कार्रवाई हो

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि जब भी कोई बच्चा लापता हो जाता है, अधिकारियों को शुरू से ही अपहरण या किडनैपिंग की आशंका मानकर कार्रवाई करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि अपहरण के लिए दंडनीय प्रविधानों के तहत ऐसे मामले दर्ज करने से जांच में गंभीरता आएगी और देरी से बचा जा सकेगा।

बच्चे का पता चलने पर 24 घंटे के भीतर परिवार को सौंप दिया जाए

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चे का पता चल जाए तो उसे आमतौर पर 24 घंटे के भीतर परिवार को सौंप दिया जाए, जब तक कि इस बात के संकेत न हों कि परिवार स्वयं तस्करी या शोषण में शामिल था।

जैसे ही किसी व्यक्ति को बरामद या बचाया जाता है, उसे आधार सत्यापन या आधार कार्ड बनवाने के लिए ले जाया जाना चाहिए। यह निर्देश इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है कि आधार कार्ड बनवाने के लिए उंगलियों के निशान और अन्य बायोमीट्रिक्स लिए जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *