नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने पुणे की एक लेक्चरर को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है।
पुणे के सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला में कार्यरत मनीषा संजय हवलदार पर फिजिक्स का प्रश्नपत्र चुनिंदा अभ्यर्थियों को लीक करने का आरोप है।
सीबीआई ने उसे पेपर लीक का एक अन्य “स्रोत” बताया है। अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआइ के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने नीट-यूजी 2026 के भौतिकी का पर्चा लीक करने वाले एक अन्य प्रमुख आरोपित की पहचान कर ली है।
एनटीए द्वारा विशेषज्ञ नियुक्त किए जाने के बाद मनीषा हवलदार नीट-यूजी प्रक्रिया में शामिल थी। फिजिक्स के प्रश्नपत्र तक उसकी पूरी पहुंच थी।
अप्रैल में उसने कुछ प्रश्न सह-आरोपित मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। सीबीआइ ने 16 मई को पुणे निवासी वनस्पति विज्ञान की शिक्षक मंधारे को नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया।
एजेंसी का कहना है कि हवलदार द्वारा अभ्यर्थियों के साथ साझा किए गए प्रश्न नीट-यूजी की भौतिकी परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते थे।
सीबीआई ने देशभर में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटाप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए।
जब्त की गई वस्तुओं का विस्तृत विश्लेषण जारी है। एजेंसी ने कहा कि अब तक की जांच ने पेपर लीक के वास्तविक स्रोत को उजागर किया है।