सुकमा : सुकमा में संवेदनशीलता की मिसाल…

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत के चंद दिनों में ही रामसिंह को मिली पीएम आवास की अंतिम किश्त

दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में जब सरकारी योजनाएं किसी गरीब के आशियाने का सपना सच करती हैं, तो वह सिर्फ एक मकान नहीं बल्कि सम्मान की जिंदगी होती है। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सोनाकुकानार के रहने वाले रामसिंह यादव का भी यही सपना था।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अपना घर तो मेहनत से खड़ा कर लिया, लेकिन तकनीकी और बजटीय कारणों से जब अंतिम किश्त अटक गई, तो उन्होंने उम्मीद के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का दरवाजा खटखटाया। रामसिंह को अंदाजा नहीं था कि उनकी इस आवाज पर प्रशासन इतनी संवेदनशीलता और तेजी से कदम उठाएगा।

त्वरित ऐक्शन से सुलझा मामला
शिकायत दर्ज होते ही कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन और पंचायत विभाग तुरंत एक्टिव हुआ।

जांच में सामने आया कि रामसिंह ने 27 अप्रैल 2026 को ही अपना घर पूरा कर लिया था, लेकिन राज्य स्तर से राशि जारी न होने के कारण उनकी तीसरी किश्त लंबित थी। जैसे ही जून की शुरुआत में राज्य कार्यालय से बजट प्राप्त हुआ, प्रशासन ने बिना एक दिन की भी देरी किए 6 जून को ही उनके खाते के लिए राशि प्रोसेस कर दी थी। बैंकिंग प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए ठीक 18 जून को यह राशि सीधे रामसिंह के खाते में सुरक्षित रूप से ट्रांसफर हो गई।

मुस्कुराहट में बदली चिंता
दिलचस्प बात यह रही कि रामसिंह ने जब 16 जून को हेल्पलाइन पर अपनी समस्या दर्ज कराई थी, तब तक प्रशासन उनके हक की राशि पहले ही भेज चुका था। महज दो दिन बाद जब बैंक से राशि जमा होने का मैसेज आया, तो रामसिंह की महीनों की चिंता पल भर में दूर हो गई। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के डर के विपरीत, घर बैठे ही अपनी समस्या का इतना त्वरित और पारदर्शी समाधान पाकर रामसिंह भावुक हो उठे।

संवेदनशील प्रशासन, संतुष्ट नागरिक
अंतिम किश्त मिलते ही अब रामसिंह का अपना पक्का आशियाना पूरी तरह उनका हो चुका है। इस त्वरित समाधान पर संतोष और खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताया और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया। सुकमा जिला प्रशासन “संवेदनशील प्रशासन, त्वरित समाधान और हितग्राही संतुष्टि“ के ध्येय वाक्य को जमीनी हकीकत में बदलते हुए लगातार काम कर रहा है, ताकि विकास की कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक उसका हक समय पर पहुंच सके।

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