जंग के माहौल में भी मुनाफा कमाने में लगे ट्रंप के बेटे, खाड़ी देशों पर हथियार खरीदने का दबाव बना रहे…

अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के बीच तनावपूर्ण माहौल में एक नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनल्ड ट्रंप जूनियर पर खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन सौदों में दबाव डालने का आरोप लगा है।

डोनल्ड ट्रंप जूनियर ने अपनी कंपनी के माध्यम से खाड़ी देशों को इंटरसेप्टर ड्रोन और मिसाइल सिस्टम बेचने की कोशिश की है। पेंटागन के दस्तावेजों में यह खुलासा हुआ है कि ट्रंप जूनियर की कंपनी पॉलराइड स्थित ऑटोनॉमस ड्रोन कंपनी पावस में प्रमुख निवेशक है।

यह कंपनी अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ड्रोन और मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति करने में सक्रिय बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ट्रंप जूनियर व्यक्तिगत रूप से कुछ खाड़ी देशों के अधिकारियों से संपर्क कर इन हथियारों की बिक्री पर जोर दे रहे हैं।

पेंटागन के ड्रोन फंड पर नजर

पेंटागन ने हाल ही में ड्रोन और मिसाइल डिफेंस के लिए करीब 10,201 करोड़ रुपये का विशेष फंड आवंटित किया है। इस फंड का उद्देश्य अमेरिकी सहयोगी देशों को उन्नत ड्रोन और इंटरसेप्टर सिस्टम उपलब्ध कराना है, ताकि वे ईरान और चीन-रूस गठबंधन से उत्पन्न खतरे का मुकाबला कर सकें।

ट्रंप जूनियर की कंपनी इस फंड से लाभ उठाने की तैयारी में है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने खाड़ी देशों को ड्रोन सिस्टम बेचकर इस फंड का हिस्सा हासिल करने की रणनीति बनाई है।

ईरान युद्ध के बीच बढ़ी मांग

वर्तमान में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। कई देश अब उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन इंटरसेप्टर की तलाश में हैं।

डोनल्ड ट्रंप जूनियर की कंपनी पावस इन देशों को मध्य-पूर्व के सुरक्षा परिदृश्य के मुताबिक कस्टमाइज्ड ड्रोन समाधान पेश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप परिवार की राजनीतिक स्थिति का फायदा उठाकर कंपनी नए सौदे हासिल करने की कोशिश कर रही है।

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