एसएन मेडिकल कालेज में 13 वर्ष के बालक के धड़कते दिल को खोलकर सख्त हो चुकी झिल्ली को हटाकर जान बचाई गई। एसएन की सुपरस्पेशियलिटी विंग में यह पहली ओपन चेस्ट सर्जरी की गई। बालक अब ठीक है।
एसएन में हुई पहली ओपन चेस्ट सर्जरी, निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये का पैकेज
एसएन मेडिकल कालेज में 13 वर्ष के बालक को चलने पर सांस फूलने, पैरों और पेट में सूजन की समस्या के साथ भर्ती हुआ। कार्डियोथोरेसिक सर्जन डा. अतुल कुमार गुप्ता के अनुसार, बालक की दिल की झिल्ली (ऊपर की परत) सख्त होने के साथ ही पस (कंस्ट्रक्टिव पेरिकार्डिटिस) पड़ गया था। इससे दिल ठीक से नहीं धड़क पा रहा था।
13 वर्ष के बालक की दिल की ऊपर की परत के सख्त होने के साथ पड़ गया था पस
सर्जरी के दौरान बालक के चेस्ट को खोला गया और धड़कते हुए दिल पर ही सख्त हो चुकी झिल्ली (पेरिकार्डिएक्टॉमी) को हटाया। सर्जरी करीब दो घंटे चली, इस तरह की सर्जरी में 50 प्रतिशत मामलों में जान का जोखिम रहता है। सर्जरी के बाद बालक ठीक है। इस तरह की सर्जरी में निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये चार्ज है।
एसएन में सर्जरी का शुल्क आठ हजार रुपये है, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए निश्शुल्क सर्जरी की सुविधा है।
प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अब एसएन में जटिल सर्जरी की जा रही हैं। मरीजों को दिल्ली और जयपुर नहीं जाना पड़ रहा है। टीम में टीम में डॉक्टर शिव, डॉक्टर शुभांशु, डॉक्टर सुलभ, डॉक्टर आरती, डॉक्टर दीपक, डॉक्टर मिहिर, सचिन, मोनू शामिल रहे।
अप्रैल में ही शुरू हो जाएगी ओपन हार्ट सर्जरी
ओपन हार्ट सर्जरी में दिल को खोलकर जिन खून की नलिका में ब्लाकेज है उसे बाईपास किया जाता है। वाल्व बदले जाते हैं। अप्रैल् के अंत तक एसएन में बाईपास सर्जरी की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। बाईपास सर्जरी के लिए 40 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है, एक मरीज को सर्जरी के लिए भर्ती किया जा चुका है।
निजी अस्पतालों में ओपन हार्ट सर्जरी तीन से पांच लाख रुपये में होती है, ऐसे में 1.60 लाख रुपये में सर्जरी होगी। आयुष्मान कार्ड धारक और असाध्य रोग निधि से निश्शुल्क सर्जरी की जाएगी।