राज्य सरकार ने जिन 55 प्रतिष्ठित अंगीभूत कॉलेजों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने के लिए चुना है, उनके लिए विशेष रणनीति और कार्य योजना तैयार कर उसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उच्च शिक्षा विभाग ने एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है, जिसके तहत चयनित कॉलेजों में मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट कराया जाएगा।
इसके आधार पर आधारभूत संरचना के विकास के लिए प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। साथ ही, शिक्षकों के लिए टीचिंग एंड लर्निंग कंटेंट भी विकसित किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने बनाई विशेष कार्य योजना
प्रत्येक कॉलेज में एक कमेटी गठित की जाएगी, जिसकी निगरानी में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चयनित अंगीभूत कॉलेजों को दो चरणों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी है।
प्रत्येक कॉलेज में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, इंटरनेट सुविधा, स्मार्ट क्लासरूम, नवाचार और रिसर्च सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर का तैयार कराया जाएगा ऑडिट रिपोर्ट
इसके अलावा, करीब पांच हजार पुस्तकों वाला आधुनिक पुस्तकालय भी विकसित किया जाएगा। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के बीच नियमित शैक्षणिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट के आधार पर आवश्यकतानुसार बुनियादी ढांचे का उन्नयन किया जाएगा और शोध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। नए प्राध्यापकों के लिए टीचिंग एंड लर्निंग कंटेंट विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।
योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि सभी संस्थानों को एक मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इकोसिस्टम से जोड़ा जा सके।