हिंसा और सियासी उथल-पुथल के बीच PoK में चुनाव आज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; झड़पों की आशंका बरकरार…

लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की तथाकथित विधानसभा के लिए आज चुनाव होने जा रहे हैं। पीओके में 45 सीटों के लिए चुनाव 10 अगस्त तक तीन चरणों में होंगे।

पहले चरण में सोमवार को मीरपुर डिवीजन के 13 निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग होगी। इसके बाद 2 अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन के नौ निर्वाचन क्षेत्रों और सभी 12 रिफ्यूजी निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग होगी और 10 अगस्त को पूंछ डिवीजन के बाकी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग होगी।

तैनात किए गए 14 हजार पुलिसकर्मी

चुनाव से पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने चुनाव सुरक्षा के लिए पीओके में 14,000 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। एक पाकिस्तानी सरकारी अधिकारी ने बताया, “पंजाब सरकार ने कश्मीर सरकार के अनुरोध पर कश्मीर चुनाव सुरक्षा ड्यूटी के लिए पंजाब पुलिस के 14,000 कर्मियों को भेजा है।” अधिकारी ने आगे कहा, “इनमें से 30 प्रतिशत के पास हथियार हैं और 70 प्रतिशत दंगा-रोधी उपकरणों से लैस हैं।”

इस महीने की शुरुआत में की गई थी चुनाव की घोषणा

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा इस महीने की शुरुआत में पीओके के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल ने की थी। विधानसभा में 53 सीटें हैं, जिनमें से 45 पर सीधे चुनाव होते हैं जबकि आठ सीटें महिलाओं, टेक्नोक्रेट और धर्मगुरुओं के लिए आरक्षित हैं। कुल सीटों में से 12 सीटें उन रिफ्यूजी के लिए आरक्षित हैं जो 1947 के बाद पीओके में बस गए थे। इस बीच गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के चुनाव 7 जून को हुए थे।

पीओके में विरोध प्रदर्शन के बीच चुनाव

ये चुनाव इलाके में लंबे समय से चल रही अशांति के माहौल में हो रहे हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) ने लगभग दो महीनों तक विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई की और कई अन्य मांगों के साथ-साथ शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग की।

ये प्रदर्शन सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पों में बदल गए, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों दोनों के हताहत होने की बात कही गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अशांति के बाद क्षेत्रीय सरकार ने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत जैक पर प्रतिबंध लगा दिया और अधिकारियों ने झड़पों से पहले और बाद में 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया।

चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) का मुकाबला पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) से है जो केंद्र सरकार में उसकी सहयोगी पार्टी है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इन चुनावों का बहिष्कार किया है।

भारत का स्टैंड

भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। नई दिल्ली का यह भी कहना है कि पाकिस्तान ने इन केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर गैर-कानूनी और जबरन कब्जा कर रखा है।

इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली ने कहा कि पीओके में हो रहे विरोध-प्रदर्शन इस्लामाबाद द्वारा जबरदस्ती कब्जे वाले इलाकों में दशकों से किए जा रहे “सिस्टमैटिक शोषण और प्रशासनिक दमन” का सीधा नतीजा हैं। साथ ही प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित बर्बरता की भी आलोचना की।

इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कारगिल युद्ध स्मारक पर अपने भाषण में भारत का रुख दोहराया और कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा, “अगर बातचीत होगी तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर होगी जो भारत का हिस्सा है और जिस पर उसने गैर-कानूनी रूप से कब्जा कर रखा है।”

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