शिव सेना यूबीटी ने छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
मंगलवार को शिव सेना यूबीटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका का जिक्र करते हुए मामले पर शीघ्र सुनवाई की मांग की जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इन छह सांसदों के विलय से शिंदे शिवसेना के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
मंगलवार सुबह जब भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बाग्ची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ मुकदमों की सुनवाई के लिए बैठी वैसे ही तुरंत वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने शिव सेना यूबीटी की याचिका का जिक्र किया।
6 सांसदों को लोकसभा स्पीकर ने दी मान्यता
कामत ने कहा कि उनके लोकसभा में कुल नौ सांसद थे जिसमें से छह लोकसभा सांसदों के दूसरी पार्टी में विलय को लोकसभा स्पीकर ने मान्यता दे दी।
स्पीकर ने शनिवार को देर रात ये मान्यता दी है। यह मामला संवैधानिक महत्व का है। जब कोर्ट ने सवाल किया कि इस मामले पर सुनवाई की जल्दबाजी क्या है। तो कामत ने कहा कि संसद सत्र चल रहा है और इससे उनकी पार्टी का संसदीय कार्य ठप हो गया है।
मामले की जल्द सुनवाई पर कोर्ट सहमत
कामत ने कहा कि मामले पर बुधवार को ही सुनवाई कर ली जाए। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि बुधवार को मुश्किल होगा लेकिन कोर्ट ने मामले को सुनवाई पर लगाने पर सहमति जताते हुए कहा कि इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
मालूम हो कि मानसून सत्र से पहले 18 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिव सेना यूबीटी के छह लोकसभा सांसदों को एकनाथ शिंदे की शिव सेना में विलय को मान्यता दे दी थी।