जालंधर के बीएसएफ चौक पर हुए बम धमाके की जांच में अब सामने आया है कि इस पूरी साजिश की तैयारी एक-दो दिन नहीं बल्कि करीब एक महीने पहले से चल रही थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपित उमरदीन को बम रखने और पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से तैयार किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले उसकी बातचीत पाकिस्तान में बैठे डान शहजाद भट्टी से हुई थी, जिसके बाद पूरे आपरेशन की प्लानिंग शुरू हुई।
बताया जा रहा है कि उमरदीन को शुरुआत में सिर्फ रेकी करने और ऐसे लोगों की तलाश करने का काम दिया गया था जो पैसों के लिए इस तरह की वारदात में शामिल हो सकें।
इसी दौरान उसका संपर्क दिल्ली निवासी अनिल शर्मा से हुआ। जांच में सामने आया है कि अनिल शर्मा भी पहले से शहजाद भट्टी के संपर्क में था और उसे इस काम के लिए पैसों का लालच दिया गया। इतना ही नहीं, उसे विदेश भेजने का भरोसा भी दिया गया था ताकि वारदात के बाद वह भारत छोड़ सके।
विदेश भेजने का दिया लालच
पुलिस की जांच में सामने आया है कि अनिल शर्मा को भरोसा दिलाया गया था कि जब तक भारतीय एजेंसियां उस तक पहुंचेंगी, तब तक उसे विदेश भेज दिया जाएगा।
इसी लालच में वह इस साजिश का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी तक अनिल शर्मा की पहुंच कैसे हुई और दोनों के बीच संपर्क किस माध्यम से स्थापित हुआ।
बताया जा रहा है कि आरोपितों के बीच बातचीत सोशल मीडिया एप्स और इंटरनेट कालिंग के जरिए होती थी ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पुलिस अब आरोपितों के मोबाइल फोन, चैट रिकार्ड, इंटरनेट गतिविधियों और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है।
रेकी के बाद तय की गई थी लोकेशन
जांच में यह भी सामने आया है कि बीएसएफ चौक जैसी संवेदनशील लोकेशन को चुनने से पहले कई दिनों तक रेकी की गई थी। आरोपितों ने इलाके में पुलिस की गतिविधियों, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन किया। इसके बाद वहां बम रखने की योजना बनाई गई ताकि धमाके के जरिए दहशत फैलाई जा सके।
उमरदीन लगातार मौके के आसपास घूम रहा था और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की गई थी। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने लॉजिस्टिक सपोर्ट और तकनीकी मदद उपलब्ध करवाई।
क्या था पूरा मामला
जालंधर के बीएसएफ चौक के पास कुछ समय पहले धमाका हुआ था, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। शुरुआती जांच में इसे सामान्य घटना माना जा रहा था, लेकिन बाद में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि धमाका सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली निवासी अनिल शर्मा और उमरदीन सहित कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में पाकिस्तान से जुड़े लिंक सामने आए, जिसके बाद जांच और गंभीर हो गई। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपितों को विदेश भेजने और मोटी रकम देने का लालच देकर इस साजिश में शामिल किया गया था। फिलहाल पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां और खुफिया विभाग मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या पंजाब के अन्य शहर भी इनके निशाने पर थे। जांच एजेंसियां अब शहजाद भट्टी से जुड़े सभी डिजिटल और लोकल संपर्क खंगाल रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपितों को किसी आतंकी संगठन या गैंगस्टर नेटवर्क से फंडिंग मिल रही थी।