मुंगेली : पेयजल स्रोतों का क्लोरीनीकरण अभियान शुरू…

वर्षा ऋतु में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पीएचई विभाग सक्रिय

वर्षा ऋतु के दौरान जलजनित बीमारियों की रोकथाम तथा नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा जिलेभर में पेयजल स्रोतों के क्लोरीनीकरण का विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है।

अभियान के तहत जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संचालित हैंडपंप, नल-जल योजनाओं, सार्वजनिक पेयजल स्रोतों तथा अन्य जल स्रोतों में नियमित रूप से क्लोरीन का उपयोग कर पानी को कीटाणुरहित बनाया जा रहा है।

वर्षा के मौसम में जल स्रोतों में गंदगी, बैक्टीरिया एवं अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों के प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है, जिससे डायरिया, हैजा, टाइफाइड सहित विभिन्न जलजनित रोग फैलने का खतरा रहता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने एहतियात के तौर पर क्लोरीनीकरण अभियान को गति दी है, ताकि नागरिकों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सके। कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्रामों में विभागीय अमला नियमित रूप से क्लोरीनीकरण का कार्य कर रहा है।

इसके साथ ही विभिन्न पेयजल स्रोतों से पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है, जिससे पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि जहां भी आवश्यकता महसूस होगी, वहां अतिरिक्त क्लोरीनीकरण एवं जल गुणवत्ता परीक्षण कराया जाएगा। विभाग द्वारा मैदानी अमले को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जल स्रोतों की सतत निगरानी रखें तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या जल प्रदूषण की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को स्वच्छ पेयजल के महत्व तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कचरा अथवा गंदगी न फैलाएं, जल स्रोतों को दूषित होने से बचाएं तथा पीने के पानी को स्वच्छ एवं ढंक कर रखें। यदि किसी क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता, क्लोरीनीकरण या जलापूर्ति से संबंधित कोई समस्या दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित उप अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अथवा स्थानीय पंचायत को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई कर नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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