उत्तर प्रदेश के नवाचार और तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। यदि आपके पास कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नोलाजी, बायोटेक, डिफेंस टेक या क्लाइमेट टेक जैसे क्षेत्रों में कोई अभिनव विचार या स्टार्टअप है, तो अब उसे देश के प्रमुख निवेशकों और विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिल सकता है।
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) प्रयागराज की इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब एमएनएनआइटी फाउंडेशन (आइआइएचएमएफ) डीप टेक हंट 2026 का आयोजन करने जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए स्टार्टअप से आवेदन मांगे गए हैं।
राज्य के उभरते डीप-टेक स्टार्टअप्स को निवेशकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं से जोड़ना है, ताकि उनके अभिनव उत्पाद और तकनीक बाजार तक पहुंचाने के लिए आइआइएचएमएफ का यह कार्यक्रम ब्लूहिल-वीसी, स्टार्टइनयूपी और सिडबी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
आइआइएचएमएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डा. राम कुमार मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और इन्क्यूबेशन सेंटरों से बड़ी संख्या में तकनीक आधारित स्टार्टअप्स विकसित हो रहे हैं।
हालांकि, इनमें से अनेक स्टार्टअप्स को निवेशकों तक पहुंचने और पर्याप्त पहचान बनाने का अवसर नहीं मिल पाता। डीप टेक हंट 2026 इसी दूरी को कम करने का प्रयास है। इसमें उत्तर प्रदेश में पंजीकृत सीड से लेकर सीरीज-ए चरण तक के स्टार्टअप आवेदन कर सकते हैं।
विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर टेक्नोलाजी, स्पेस टेक, डिफेंस टेक, बायोटेक्नोलाजी, क्लाइमेट टेक, एडवांस्ड मैटेरियल्स और क्लीनटेक जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रतियोगिता का आयोजन नोएडा, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर में होगा। प्रत्येक क्षेत्र के स्टार्टअप अपने निकटतम होस्ट इन्क्यूबेटर में विशेषज्ञों के पैनल के सामने अपनी तकनीक और व्यावसायिक माडल प्रस्तुत करेंगे। चयनित स्टार्टअप्स को ग्रैंड फिनाले में देश के प्रमुख वेंचर कैपिटल निवेशकों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।
प्रयागराज क्षेत्र की पिचिंग प्रतियोगिता 30 जून को आइआइएचएमएफ एमएनएनआईटी में आयोजित होगी। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 26 जून निर्धारित की गई है। डा. मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम से विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, उद्योग जगत से नेटवर्किंग और संभावित फंडिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
साथ ही स्टार्टअप कोहोर्ट 5.0 के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए 30 जून तक आवेदन किए जा सकते हैं। चयनित स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, निवेशकों से संपर्क, तकनीक के व्यवसायीकरण और नेटवर्किंग जैसी व्यापक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।