14वां पासपोर्ट सेवा दिवस मनाए जाने के अवसर पर विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सरकार पासपोर्ट सेवाओं को सुगम बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
पिछले एक दशक में पासपोर्ट नेटवर्क छह गुना बढ़ चुका है। देशभर में अब 500 से अधिक पासपोर्ट केंद्र कार्यरत हैं। अकेले 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट तथा संबंधित सेवाएं प्रदान की गई हैं। इनमें से केवल पासपोर्टों की संख्या 1.39 करोड़ रही। उल्लेखनीय है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा का दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाण।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस सत्यापन को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने में औसतन छह कार्य दिवस लगते हैं। पासपोर्ट सेवा केंद्रों और पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों में आवेदकों द्वारा बिताया जाने वाला समय 45 मिनट से भी कम है।
आज देशभर में 545 पासपोर्ट केंद्र मौजूद हैं, जबकि 10 वर्ष पहले इनकी संख्या केवल 77 थी। इस प्रकार पासपोर्ट केंद्रों की संख्या में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। हमने पिछले साल 10 पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले थे और इस साल 10 और केंद्र खोले जाएंगे।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पासपोर्ट सेवाओं की तारीफ की और लोगों को सेवाएं देने के लिए विदेश मंत्रालय की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। जयशंकर ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम की सफलता के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के विजन को मुख्य वजह बताया।