टाटा स्टील में हुए वेतन समझौते से साल वर्षों में प्रबंधन पर कुल 457 करोड़ का भार पड़ेगा जो बढ़कर 1,857 करोड़ रुपये हो जाएगा। पिछले बार के वेतन समझौते में कंपनी पर कर्मचारियों के वेतन पर प्रबंधन लगभग 1,400 करोड़ रुपये खर्च करती थी।
टाटा स्टील प्रबंधन ने वेतन समझौते के तहत बताया कि वर्ष 2030 के बाद कंपनी को खुले बाजार से आयरन ओर खरीदना होगा जिससे उनकी उत्पादन लागत प्रति टन दो से तीन हजार रुपये बढ़ जाएगी। ऐसे में कंपनी के भविष्य को देखते हुए वे ज्यादा एमजीबी नहीं दे सकते हैं।
टाटा स्टील में हुए नए समझौते के तहत कुल राशि में न्यू सीरीज कर्मचारियों को 65.2 प्रतिशत जबकि ओल्ड सीरीज को 34.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी। कंपनी प्रबंधन ने नए व पुराने कर्मचारियों के इंक्रीमेंट, वेरिएवल डीए, सभी भत्तों हायर टेक्निकल बेनीफिट, टीम परफार्मेंस रिवार्ड सहित हाउस रेंट एलाउंस (एचआरए) में बढ़ोतरी की है।
टीपीआर में जुड़ा सेफ्टी, दुर्घटना हुई तो कटेंगे 100 रुपये
टाटा स्टील ने पहली बार टीम परफार्मेंस रिवार्ड (टीपीआर) में सेफ्टी को जोड़ दिया है। नए समझौते के तहत यदि किसी विभाग में स्थायी या ठेका कर्मचारी के साथ किसी तरह की कोई भी दुर्घटना होती है तो उक्त विभाग के सभी कर्मचारियों के वेतन से 100 रुपये की कटौती हो जाएगी।
यदि दुर्घटना की संख्या एक से अधिक हुई तो तय संख्या में यह कटौती होती रहेगी। कंपनी प्रबंधन ने टीपीआर में प्रतिमाह सेफ्टी में 250 रुपये, क्वालिटी सर्किल में 100 रुपए व पुराने मद में 250 रुपये की मासिक बढ़ोतरी की है।
कर्मचारियों को नहीं मिलेगा एलाउंस पर एरियर
टाटा स्टील कर्मचारियों को उम्मीद थी कि टिनप्लेट डिवीजन की तर्ज पर उन्हें भी एलाउंस का एरियर मिलेगा। लेकिन यूनियन अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि कंपनी में भी भी एलाउंस में हुई बढ़ोतरी का एरियर नहीं मिलता है। सभी नए व पुराने कर्मचारियों को एक जनवरी 2026 से एलाउंस में हुई बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।
टाटा मोटर्स की तर्ज पर पहली बार शर्त आधारित एमजीबी
टाटा स्टील में पूर्व में हुए समझौते के तहत कर्मचारियों को एमजीबी का लाभ एकमुश्त मिलता था लेकिन पहली बार शर्त आधारित एमजीबी मिलेगा। यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने आठ वर्षों के वेतन समझौते पर 7.50 प्रतिशत एमजीबी देने का प्रस्ताव दिया था।
जब यूनियन नेतृत्व सात वर्षों पर अड़ी रही तो प्रबंधन ने एमजीबी का प्रतिशत घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया। ऐसे में हमें पहली बार शर्त के आधार पर समझौता करना पड़ा। ऐसे में कर्मचारियों को टाटा मोटर्स की तर्ज पर दो चरण में एमजीबी मिलेगा।
इसमें ओल्ड ग्रेड सीरीज के कर्मचारियों को एक जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक बढ़े बेसिक व डीए का पांच प्रतिशत जबकि एक अप्रैल से एक जून 2026 तक शेष का पांच प्रतिशत मिलेगा। वहीं, न्यू सीरीज को भी पहले 15 माह 7,200 रुपये जबकि शेष तीन माह में 9,300 रुपये मिलेंगे।
एनपीएस के रूप में मिलेगा नया भत्ता, मिलेंगे 1000 रुपये
टाटा स्टील कर्मचारियों को न्यू पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत नया भत्ता मिलेगा। इसमें कंपनी प्रबंधन प्रत्येक कर्मचारियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये देगी। यूनियन अध्यक्ष का कहना है कि यदि न्यू सीरीज ग्रेड के कर्मचारी चाहे तो उक्त राशि को अपने बेसिक से जुड़वा सकती है लेकिन फिर यह राशि टैक्स अदायगी के दायरे में आएगी।
यदि कर्मचारी एनपीएस में खुद से पैसे डालती या निकालती है तो वह टैक्स के दायरे में आएगी लेकिन प्रबंधन जब इस मद में पैसा डालेगी तो कर्मचारियों को पैसा जमा होने या निकालते समय कोई टैक्स नहीं लगेगा।
वहीं, उक्त राशि का 20 वर्षों तक लाभ लेने पर 11 प्रतिशत के ब्याज दर से यह बढ़कर 18 लाख रुपये हो जाएगा। कंपनी प्रबंधन यह लाभ केवल अपने अधिकारियों को देती थी लेकिन पहली बार कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलने जा रहा है।
कर्मचारियों का डीए नहीं बढ़ा पाई यूनियन
न्यू सीरीज ग्रेड के कर्मचारियों की मांग थी कि उनके 16 वर्षों से फ्रीज पड़े महंगाई भत्ता के प्रति प्वाइंट को तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये किया जाए। लेकिन कंपनी प्रबंधन ने इस मद में बढ़ोतरी करने से साफ इंकार कर दिया। प्रबंधन ने तर्क दिया कि उनके अन्य किसी भी लोकेशन में डीए परप्वाइंट में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई है।
ऐसे में इससे कर्मचारियों को काफी निराशा हुई। टिनप्लेट डिवीजन सहित अन्य प्लांट में डीए परप्वाइंट 2.10 रुपये से लेकर 2.50 रुपये तक है। कलिंगनगर में भी डीए परप्वाइंट तीन रुपये ही है।
डिप्लोमा नहीं कर पाए कर्मचारियों को मिलेगा अतिरिक्त इंक्रीमेंट
समझौते के तहत ब्लाक-2 में जो कर्मचारी डिप्लोमा नहीं कर पा रहे हैं और एक ही पद पर चार साल बिता चुके हैं उन्हें अतिरिक्त इंक्रीमेंट मिलेगा। वहीं, शावक नानावटी टेक्निकल इंस्टीट्यूट (एसएनटीआइ) से डिप्लोमा करने के बाद उन्हें एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट सहित हायर एजुकेशन बेनीफिट का लाभ मिलेगा। नए कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।
यूनियन कार्यालय में पहली बार नहीं मना जश्न
आमतौर पर बोनस या ग्रेड रिवीजन के किसी भी समझौते के बाद यूनियन कार्यालय में समर्थक ढ़ोल-नगाड़े से जश्न मनाती है। पटाखे छोड़कर अबीर-गुलाल उडा़ते हैं लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि समझौते के बाद यूनियन कार्यालय में किसी तरह का कोई जश्न नहीं मनाया गया। वहीं, समझौते के बाद सभी पदाधिकारी पहुंचे लेकिन न्यू सीरीज ग्रेड के पदाधिकारी दूरी बनाए रखी।
इंक्रीमेंट में 340 रुपये की बढ़ोतरी
नए समझौते के तहत एनएस ग्रेड कर्मचारियों के इंक्रीमेंट में फ्लैट 340 रुपये की बढ़ोतरी होगी। अंग्रेजी विषय से मैट्रिक पास करने वाले एनएस-1 कर्मचारियों का इंक्रीमेंट 505 रुपये से बढ़कर 845 रुपये, आल इंडिया ट्रेड टेस्ट व ट्रेड अप्रेंटिश पास एनएस-4 कर्मचारियों का इंक्रीमेंट 575 रुपये से बढ़कर 915 रुपये होगा।
जबकि डिप्लोमा होल्डर व जूनियन इंजीनियर ट्रेनी (जेट) को 710 रुपये से बढ़कर 1,050 रुपये और एनएस-12 ग्रेड के कर्मचारियों को 810 रुपये से बढ़कर 1,150 रुपये मिलेगा।
वहीं, ओल्ड ग्रेड-1 के कर्मचारियों को 1,621 रुपये इंक्रीमेंट में न्यूनतम 959 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 2,582 रुपये व हायर ग्रेड (ओएस-12) 1,520 रुपए बढ़ोतरी के साथ 2,572 रुपये से बढ़कर 4,097 रुपये की मासिक बढ़ोतरी होगी।
एफडीए में भी 500 रुपये की मासिक बढ़ोतरी
कर्मचारियों के फिक्सड डेयरनेस एलाउंस (एफडीए) में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जिन कर्मचारियों को पहले 800 रुपये मिलता था वह अब बढ़कर 1300 रुपये वहीं जिन्हें 500 रुपए मिलता था उन्हें 1,000 रुपये मिलेंगे।
हायर टेक्निकल एलाउंस में 385 रुपये की बढ़ोतरी
न्यू सीरीज ग्रेड कर्मचारियों के हायर टेक्निकल एलाउंस में भी 385 रुपये की न्यूनतम बढ़ोतरी हुई है। एनएस-1 कर्मचारियों को जहां पहले 460 रुपये मिलते थे, अब बढ़कर 845 रुपये जबकि एनएस-12 ग्रेड के कर्मचारियों को 785 रुपये के बजाए 1,150 रुपये मिलेंगे।
वहीं, ओल्ड ग्रेड-1 कर्मचारियों को 575 रुपये से बढ़कर 845 रुपये व ओल्ड ग्रेड-12 कर्मचारियों को 875 रुपये से बढ़कर 1,150 रुपये मिलेंगे।