पंजाब में 2027 होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसे लेकर पार्टी ने युवाओं तक पहुंचने के लिए एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का सहारा लिया है।
भाजपा ने एआइ की मदद से पंजाबी वीडियो गीत ‘मोदी दा पंजाब’ बनाया है जो कि इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा के शुरुआती डिजिटल चुनावी अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा ने इस गीत के माध्यम से पंजाब के शहरी और ग्रामीण युवाओं को जोड़ने की रणनीति बनाई है। वीडियो में पंजाब की संस्कृति, खेत-खलिहान, भंगड़ा, ढोल और बैसाखी के रंगों को प्रमुखता से दिखाया गया है। गीत में ‘पंजाब दे पुत्तर’, ‘शेरां दी धरती’ और ‘मोदी दे नाल पंजाब’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
दो दिन में करीब डेढ़ लाख व्यूज
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार पंजाब में पारंपरिक प्रचार के साथ डिजिटल कैंपेन पर ज्यादा फोकस कर रही है। इसी रणनीति के तहत पहले गीत का आडियो रिलीज किया गया था। दो दिन के भीतर इसे इंटरनेट मीडिया पर 1 लाख 43 हजार से अधिक व्यूज मिले। इसके बाद शनिवार को वीडियो संस्करण लांच किया गया, जिसे भाजपा नेता और इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर तेजिंदर बग्गा ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया।
वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पंजाब के युवाओं और किसानों के बीच दिखाया गया है। कई दृश्यों में भाजपा का झंडा थामे युवा नजर आते हैं। वहीं सुनहरे गेहूं के खेत, गांवों की गलियां और पारंपरिक पंजाबी परिधान वीडियो को स्थानीय रंग देने का काम करते हैं।
पंजाबी लोक गीत और आधुनिक डिजिटल बीट्स का मिश्रण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पंजाब में अपनी छवि को केवल शहरी पार्टी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि ग्रामीण और किसान वर्ग में भी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसमें पारंपरिक पंजाबी लोक संगीत और आधुनिक डिजिटल बीट्स का मिश्रण देखने को मिल रहा है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि नए दौर की राजनीति में इंटरनेट मीडिया सबसे बड़ा प्लेटफार्म बन चुका है और युवा वर्ग तक पहुंचने के लिए डिजिटल कंटेंट सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पंजाब में भाजपा अभी संगठनात्मक स्तर पर खुद को मजबूत करने में जुटी है।