बेमेतरा : विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला न्यायालय परिसर में हुआ पौधारोपण…

“एक पौधा केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य की नींव है” – श्रीमती सरोज नंद दास

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से व्यापक पौधारोपण एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा संचालित “स्टेट प्लान ऑफ एक्शन” कैलेंडर 2026-27 के तहत आयोजित किया गया।

      श्रीमती सरोज नंद दास, अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बेमेतरा के मार्गदर्शन में नवनिर्माणाधीन न्यायालय परिसर, कोबिया में पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

इस अवसर पर श्री देवेन्द्र कुमार, प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कु. आरती ठाकुर, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, सुश्री श्रुति साहू, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी, श्री तुषार बारिक, प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायालय प्रथम न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी तथा श्री डिकेन्द्र देवांगन, सचिव अधिवक्ता संघ, बेमेतरा सहित न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्रीमती सरोज नंद दास ने कहा कि वर्षा ऋतु पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, क्योंकि इस दौरान प्रकृति स्वयं पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि “एक पौधा केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य की नींव है।”

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों द्वारा जिला जेल बेमेतरा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय परिसर, थाना परिसर बेरला, ग्राम कुरूद तथा तालुका स्तर पर ग्राम पंचायत अकलवारा में भी पौधारोपण किया गया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।

शिविरों में उपस्थित नागरिकों को जलवायु परिवर्तन, वर्षा में हो रही कमी तथा नदी, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया। लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान नालसा द्वारा संचालित पर्यावरण संरक्षण एवं प्रबंधन अभियान के अंतर्गत लोगों को सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने, उनके पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संबंध में भी जानकारी दी गई। उपस्थित नागरिकों से पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने में सहयोग करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में श्री राहुल पाण्डेय, जेल अधीक्षक बेमेतरा, श्रीमती दीपांजलि डेनियल, न्यायालय स्टाफ नर्स, जेल कर्मचारीगण, न्यायालय कर्मचारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त अधिकार मित्र उपस्थित रहे।यह संस्करण समाचार पत्रों और पोर्टलों में प्रकाशन हेतु उपयुक्त शैली में तैयार किया गया है।

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