श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे नामल राजपक्षे को भ्रष्टाचार विरोधी संस्था CIABOC ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। नमाल राजपक्षे पर श्रीलंकाई एयरलाइंस के लिए एयरबस विमान में 800,000 डॉलर (8 लाख डॉलर) की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, 40 वर्षीय नामल राजपक्षे को शुक्रवार को CIABOC के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। इस दौरान उनसे करीब 5 घंटे पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कोलंबो के मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए नमाल को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी से मिली इस रिश्वत को सिंगापुर के बैंक खातों के जरिए नमाल तक पहुंचाया गया था।
800,000 डॉलर की रिश्वत का आरोप
CIABOC के अनुसार, नमाल पर 2013 की इस डील को पक्का कराने के एवज में यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी से 800,000 डॉलर की रिश्वत प्राप्त करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि एक श्रीलंकाई व्यवसायी ने सिंगापुर के दो बैंक खातों के जरिए इस रकम को नमाल तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी।
याचिका खारिज
पूछताछ के बाद भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने नमाल राजपक्षे को अदालत में पेश किया, जहां उनके वकील निशांत दयानंद की ओर से दी गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असंगा बोदारगामा ने राजपक्षे परिवार के इस 40 वर्षीय वंशज को आगे की जांच लंबित रहने तक दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया है।
भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (CIABOC) ने मई में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से भी इस सिलसिले में पूछताछ की थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने भी इस विमान खरीद सौदे से रिश्वत ली थी, जिसे बाद में 2016 में आई नई सरकार ने रद कर दिया था।
राजपक्षे के परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई रिश्वत नहीं ली है और उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के ये तमाम दावे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित हैं। नामल ने कहा कि अगर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत हैं तो वह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए तैयार हैं।